दुग्ध संघ, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य विभाग की कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठक

Kkkन्यूज रिपोर्टर कटनी- शशिभूषण_सिंह ने जिले में दुग्ध उत्पादन, संकलन एवं दुग्ध संघ की गतिविधियों की समीक्षा करते हुये जिले में कैमोर, बरही, विजयराघवगढ़ सहित नगरीय क्षेत्रों में कम से कम 100 सांची पार्लर प्वॉईन्ट संचालित कराने के निर्देश दुग्ध संघ के अधिकारियों को दिये हैं। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में दुग्ध संघ जबलपुर, कृषि, उद्यानिकी, आत्मा परियोजना, पशुपालन, मत्स्य, रेशम विभाग की गतिविधियों की समीक्षा करते हुये कलेक्टर ने यह निर्देश दिये हैं। इस मौके पर उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें डॉ0 आर0पी0एस0 गहरवार, सीईओ दुग्ध संघ जबलपुर दीपक शर्मा, परियोजना अधिकारी उद्यानिकी वीरेन्द्र सिंह सहित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।दुग्ध संघ की गतिविधियों की समीक्षा में कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने जिले में दुग्ध उत्पादन की गतिविधियां बढ़ाकर मिल्करुट तैयार कर दुग्ध संकलन, बीएमसी और डीसीएस की स्थापना भी कराने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जिले में दुग्ध संघ की गतिविधियों का विस्तार करेें और नगर निगम या नगरीय निकायों के साथ साईट का चयन कर कम से कम 100 सांची पार्लर खुलवायें। इसी प्रकार दुग्ध उत्पादों की मिलावट की शिकायतों में कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करें। पशु चिकित्सा विभाग की गतिविधियों की समीक्षा में कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं, आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना, बकरा प्रदाय, बकरी इकाई प्रदाय, कुक्कुट पालन योजना की जानकारी ली। उन्होने कहा कि कड़कनाथ चूजे और कुक्कुट पालन योजना का विस्तार जिले में करें और महिलाओं के समूह बनाकर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ें। जिले में नवीन स्वीकृत 30 गौशालाओं का निर्माण शीघ्र प्रारंभ करायें। नगरीय क्षेत्रों में सड़कों पर विचरण करने वाले गौवंशीय पशुओं को गौशाला में भिजवायें। इस कार्य हेतु गौशाला प्रबंधक अपने यहां पशुओं को लेने से मना नहीं कर सकेंगे।
 कृषि विभाग की समीक्षा में बताया गया कि खरीफ में एक लाख 77 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य है। जिसके विरुद्ध 67 प्रतिशत बोनी हो चुकी है। धान का रकबा 1 लाख 64 हजार हैक्टेयर लक्षित है। जिसमें एक लाख 5 हजार हैक्टेयर में बोनी की जा चुकी है। खाद-बीज की जिले में कोई कमी नहीं है।कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की सभी सोसाईटियों में यूरिया, खाद की उपलब्धता सुनिश्चित बनाये रखें। जिले में मक्का उत्पादन के पोटेंशियल को देखते हुये वर्षभर में तीन फसलें लेने किसानों को प्रोत्साहित करें। मत्स्य पालन विभाग की गतिविधियों में बताया गया कि इस सीजन में 8 करोड़ स्पॉन मतस्य बीज उत्पादन के लक्ष्य के विरुद्ध 2 करोड़ स्पान तैयार कर लिया गया है। बहोरीबंद और सुरखी टैंक में मत्स्य बीज उत्पादन किया जा रहा है। जिले के 97 तालाबों में मत्स्य पालन हो रहा है। रेशम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्लीमनाबाद के समीप सिंहुड़ी पंचायत के छपरा में टसर का उत्पादन मनरेगा से किया जा रहा है। जिसका ककून नरसिंहपुर जिले को जाता है।कलेक्टर शशि भूषण सिंह ने मनरेगा के तहत रेशन कीट पालन के लिये क्षेत्र विस्तार करने के निर्देश दिये।

सोनू त्रिपाठी ग्रामीण रिपोर्टर कलयुग की कलम कटनी

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