गबन और धोखाधड़ी करने वाली सहकारी संस्थाओं के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करायें —कलेक्टर भरत यादव

Kkkन्यूज जबलपुर- कलेक्टर भरत यादव ने गेहूं एवं धान खरीदी, खाद-बीज के वितरण तथा अन्य कार्यों में अनियमितता, गबन और धोखाधड़ी करने वाली प्राथमिक साख सहकारी समितियों एवं सहकारी बैंक की शाखाओं के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने तथा दोषी कर्मचारियों अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं।श्री यादव ने ये निर्देश आज बुधवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित सहकारी संस्थाओं में गबन एवं धोखाधड़ी के मामलों की समीक्षा के लिए गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक में दिये ।  पुलिस अधीक्षक श्री अमित सिंह, अपर कलेक्टर डॉ. सलोनी सिडाना तथा सहकारिता विभाग, विपणन संघ एवं जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के अधिकारी इस बैठक में मौजूद थे । कलेक्टर ने बैठक में अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि सहकारी संस्थाओं के कामकाज में सुधार लाने के लिए गबन एवं धोखाधड़ी में लिप्त सहकारी संस्थाओं के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाना जरूरी है । श्री यादव ने ऐसी सभी प्राथमिक साख सहकारी समितियों और सहकारी बैंक की शाखाओं के विरूद्ध दो दिन के भीतर एफआईआर दर्ज कराने की हिदायत अधिकारियों को दी, जहां गेहूं और धान की खरीदी में गड़बड़ियां सामने आई हैं । उन्होंने कहा कि इसमें और ज्यादा विलंब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।कलेक्टर ने धोखाधड़ी, गबन एवं अनियमितताओं के प्रकरणों में विभागीय जांच की कार्यवाही लंबित रहने पर भी नाराजगी जाहिर की ।  उन्होंने ऐसे मामलों में चल रही विभागीय जांच की कार्यवाही पन्द्रह दिन के भीतर पूरी करने, जांच में दोषी पाये गये अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने तथा उनके वेतन अथवा स्वत्वों से गबन की राशि की वसूली करने के निर्देश दिये और आवश्यकता पड़ने पर वसूली के लिए आरआरसी जारी करवाने की बात भी कही । गबन और धोखाधड़ी के मामलों में विभागीय जांच को लंबित रखने वाले जांच अधिकारियों के विरूद्ध भी कार्यवाही करने के निर्देश बैठक में दिये गये । श्री यादव ने अमानक गेहूं खरीदी के मामले पर बैठक में चर्चा करते हुए कहा कि जिन समितियों द्वारा गेहूं को अपग्रेड कर लिया गया है, उन्हें इसे खुले बाजार में नीलामी की शीघ्र अनुमति दी जाये । उन्होंने कहा कि खुले बाजार से मिलने वाली कीमत और समर्थन मूल्य के बीच की अंतर की राशि समितियों को खुद वहन करनी होगी तथा किसानों को पूरा-पूरा भुगतान करना होगा । कलेक्टर ने कहा कि जो समितियाँ अभी तक गेहूं को अपग्रेड नहीं कर पाई हैं उन्हें अपने स्तर से किसानों को समर्थन मूल्य के बराबर कीमत का भुगतान करना होगा।कलेक्टर ने बैठक में उड़द, मूंग, धान एवं गेहूं की बकाया राशि का किसानों को शीघ्र भुगतान करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये ।  उन्होंने कहा कि किसानों से इस बारे में मिलने वाली शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी ।

*सोनू त्रिपाठी रिपोर्टर कलयुग की कलम*
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