हरदोई जनपद के प्रसासनिक अधिकारी कर रहे सोन भद्र जैसी बड़ी घटना का इंतजार

हरदोई की बड़ी खवर

हरदोई जनपद के बिलग्राम विकास खण्ड के जरसेनामाऊ ग्राम के ओमप्रकाश पुत्र विशुन दयाल निवासी ग्राम जरसेनामाऊ   तहसील बिलग्राम जनपद हरदोई के निवासी है ओमप्रकाश के पिता विशुन दयाल ने अराजी सख्या 848 व दूसरी  आराजी सख्य 157 मौजा नोरगपुर व मोजा सपखेड़ा तहसील बिलग्राम जनपद हरदोई उपयुक्त आराजी के पूर्व स्वामी राधेश्याम पुत्र बेनी माधव से पंजीकृत दस्तावेज सन 1989 को किया था मोके पर ही ओमप्रकाश के पिता विशुन दयाल को सम्पूर्ण आराजी का काबिज भी दे दिया था कुछ समय के बाद स्वामी राधेश्याम पुत्र बेनी मधव की मृत्यु हो गयी उसके कुछ समय बाद ओमप्रकाश के पिता विशुन दयाल अपने जीवन काल मे मालिक काबिज रहे उसके बाद ओमप्रकाश मसलिक काबिज है लेकिन राधेश्याम की मृत्यु के ब
बाद सम्पूर्ण आराजी पर विवाद उतपन्न हो हुआ न्यायालय  सिविल जज जू 0 डि 0पूर्वी मूलवाद सख्या562/2018  हरदोई में विचाराधीन है लेकिन  ओमप्रकाश की उक्त आराजी का फर्जी बैनामा अधिकृत व्यक्तियों से अम्बरीश सिंह पुत्र चन्द्र भान व मनोहर पुत्र शंकर निवासी छिबरामऊ हरदोई धोखाधड़ी करके  लिखा  लिया  ओमप्रकाश  पुत्र विशुन दयाल ने आपत्ति दाखिल की लेकिन  बिलग्राम तहसीलदार व पेशकार आनन्द कुमार ने अम्बरीश सिंह व मनोहर पुत्र शंकर से रुपये लेकर बिना  साक्षी का मौका देकर बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए अविधि परिक्रिया अपनाये दाखिल खारिज का आदेश के दिया और विपक्षी   अम्बरीश सिंह प्रवीण सिंह  पुत्रगण चन्द्र भान    मनोहर पुत्र  शंकर काफी  दबंग भूमाफिया किस्म के व्यक्ति है प्रवीण सिंह अम्बरीश सिंह पुत्रगण चन्द्रभान  मनोहर पुत्र शंकर ओमप्रकाश से बराबर कब्जा छुड़वाने की कोशिश कर रहे और बराबर  मा बहन  की गलियां देते है और कई बार  नाका बन्दी की ओमप्रकाश ने सन 20018 से आज तक सेकड़ो प्रार्थना पत्र शासन प्रसासन को थमाए लेकिन हरदोई जनपद के प्रसासनिक अधिकारियो से आभी तक पीड़ित न्याय नही मिला जिससे ये सावित हो रहा है कि हरदोई जनपद के प्रसासनिक अधिकारी भी सोन भद्र जैसी घटना को अंजाम दे सकते है
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