देखा जा रहा है कि हर चीज में आरक्षण के हो जाने की वजह से जैसे कुछ वर्गों के कर्मचारियों अधिकारियों  का मनोबल टूट रहा है और अपने आप को शोषित  महसूस कर रहे है ।

 जिस तरीके से प्रमोशन को  आरक्षण से जोड़ने का कार्य सरकारों द्वारा निरंतर किया जा रहा हैं।
जिससे दूसरे वर्गों के कर्मचारियों का मनोंबल  गिरता जा रहा है। योगिता कार्यकुशलता  सीनियरिटी कोई चीज़ नहीं 

कार्यकुशलता और ना ही योग्यता आरक्षण के आधार पर अधिकारियों कर्मचारियों का हो रहा प्रमोशन।

 इसको देखते हुए सपाक्स कर्मचारी संघ ने  हाईकोर्ट जबलपुर मैं प्रमोशन में आरक्षण को लेकर याचिका दर्ज कराई थी।

जिसमें कोर्ट ने प्रमोशन में आरक्षण को असंवैधानिक बताया था ।
और यह भी आदेश दिया कि सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के अधिकारी एवं कर्मचारियों को सीनियर्टी और योग्यता के आधार पर प्रमोशन दिया जाए और यह केवल एसटीएससी के लिए ही लागू नहीं रहेगा जो असंवैधानिक तरीके से एसटीएससी के प्रमोशन किए गए हैं। 

उन्हें रद्द किये जाएं इसके साथ ही आरक्षण का लाभ परिवार के एक व्यक्ति को ही मिले 

मैं आरक्षण का विरोधी बिल्कुल नहीं हूं लेकिन इन चीजों में योगिता कार्यकुशलता और सीनियर्टी को भी महत्व दिया जाना चाहिये

बहुत से अधिकारी कर्मचारी अपने जीवन में बड़े परिश्रम और मेहनत के साथ ईमानदारी के साथ  कार्य कर रहे हैं ।

उन्हें इन का फल प्रमोशन के जरिए मिले जब किसी अधिकारी कर्मचारी का प्रमोशन होता है तो उसे जो खुशी मिलती है शायद मैं उसे वर्णन नहीं कर सकता क्योंकि उसकी मेहनत की लगन कार्यकुशलता और योग्यता के आधार पर प्रमोशन मिला है ।

उसे यह लगता है इतने वर्षों की मेहनत कारगर हुई लेकिन जब उसे आरक्षण के नाम पर उसकी कार्यकुशलता मेहनत लगन योग्यता को देख कर भी अनदेखा किया जाता है तो उसे जो दुख होता है शायद उसे भी मैं वर्णन नहीं कर सकता।


 इसलिए अधिकारी कर्मचारियों की कार्यकुशलता योगिता और सीनियरिटी को देखते हुए  प्रमोशन हो 
 केंद्र सरकारों और राज्य सरकारों को इन चीजों पर कार्य करना चाहिए

 मेरे लेख को पढ़कर मेरे पर्सनल नंबर पर जरूर अपना विचार व्यक्त करें जय हिंद


         लेखक 
अब्दुल कादिर खान 
 कलयुग की कलम 
 मोबाइल नंबर 97536 87489
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