प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद माने चन्दू, आत्मदाह करने से रुके,मांगो को लेकर फिर सौंपा ज्ञापन

उमरियापान:-बस स्टैंड निर्माण सहित अन्य समस्याओं की मांग पूरी नहीं होने पर आत्मदाह का कदम उठाने वाले समाजसेवी चंद्रकांत चौरसिया आखिरकार प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद आत्मदाह करने से रुक गए।अपनी पाँच सूत्रीय मांगों को लेकर पुनः राज्यपाल के नाम पर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।चन्दू चौरसिया सहित ग्रामीणों ने बस स्टैंड निर्माण, उमरियापान को नगर परिषद का दर्जा देने, अस्पताल में डॉक्टरों की सुविधा उपलब्ध कराने,पान किसानों को लाभ और पीएम आवास में उपयोग रेत की रॉयल्टी मुक्त किये जाने की मांग किया है।बता दें कि मांग पूरी न होने पर चन्दू चौरसिया ने आत्मदाह करना तय किया।"कलयुग की कलम" ने जनहित के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। जिले का पूरा प्रशासन हरकत में आया। आत्मदाह करने के एक दिन पहले शनिवार रात करीब 8 बजे उमरियापान पुलिस चन्दू चौरसिया को घर से उठाकर थाने ले लाई। थाने के भीतर एसडीओपी प्रमोद सारस्वत, एसडीएम देवकीनंदन सिंह, तहसीलदार हरिसिंह धुर्वे व थाना प्रभारी गोविंद सुरैया,चन्दू चौरसिया को समझाइस देते रहे। प्रशासन ने जब समस्या संबंधी बातों के निराकरण के लिए आश्वत किया तो चंदू चौरसिया आत्मदाह न करने का निर्णय लिया। अपनी पांच सूत्रीय मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा।

इस संबंध में तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे ने कहा कि चंदू चौरसिया को समझाइस देते आत्मदाह करने से रोका गया है। ग्रामीणों को सुविधा मिलेइसके लिए बस स्टैंड निर्माण हेतु प्रस्ताव और एस्टीमेट शासन को भेजा गया है।सभी मांगे शासन स्तर की है।सभी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।

कलयुग की कलम संपादक महेन्द्र पटेल के साथ अंकित झारिया रिपोर्टर उमरियापान

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