ढीमरखेड़ा जनपद की ग्राम पंचायत शुक्ल पिपरिया का मामला

 (अंकित झारिया रिपोर्टर)

उमरियापान:- जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत शुक्ल पिपरिया में पूर्व जीआरएस अजय कोरी द्वारा किये गए भ्रष्टाचार का पर्दा जिले और जनपद के अधिकारी नहीं उठा पाए हैं। अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते भ्रष्टाचार की जांच ठंडे बस्ते पर पड़ी है।जिला पंचायत सीईओ के आदेश के बाद भी जांच में शामिल जिम्मेदार अधिकारी जीआरएस के भ्रष्टाचार का पर्दा उठाने में कतरा रहे है। ग्राम पंचायत के सरपंच- सचिव द्वारा की गई शिकायत के बाद जी आर एस के भ्रष्टाचार का मामला विधानसभा तक पहुँचा। हरकत में पहुँचे जिला पंचायत सीईओ ने बीते 11 जुलाई को भ्रष्टाचार का पर्दा उठाने जिलास्तर पर चार सदस्यीय टीम बनाई। एक सप्ताह के भीतर भ्रष्टाचार की जांच करते हुए प्रतिवेदन मांगा था।जांच टीम में मनरेगा जिला परियोजना अधिकारी,तकनीकी अधिकारी,जनपद सीईओ और सहायक यंत्री को शामिल किया।जांच टीम में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों की हिलाहवाली के चलते महीने भर का समय बीत गया, लेकिन जांच टीम में शामिल जिम्मेदार अधिकारी जीआरएस के द्वारा किये गए भ्रष्टाचार की जांच करने शुक्ल पिपरिया नहीं पहुँचे। 

 *सचिव पर गिर चुकी गाज:-* जीआरएस अजय कोरी द्वारा किये भ्रष्टाचार की जांच के शुरुआती पहलू पर शिकायतकर्ता सचिव रामदयाल पटेल को ही बलि का बकरा बना दिया गया।सचिव पर निलंबन की कार्रवाई की गई। अब जांच टीम में शामिल जिम्मेदार चारों अधिकारी न तो विधानसभा में उठाये सवाल पर  रुचि दिखाई और न तो जिला सीईओ के आदेश को तबज्जो दिया। जांच टीम में शामिल अधिकारी भ्रष्टाचार को अंजाम देने वाले जी आर एस को बचाने की पूरी ताकत झोंकने पर लग गए है। जिसके चलते जिला सीईओ के आदेश के बाद भी जांच टीम महीने भर बाद भ्रष्टाचार के इस मामले की पड़ताल नहीं किया। जांच टीम द्वारा लगातार हीलाहवाली करते हुए लापरवाही बरती जा रही हैं।

बता दें कि ढीमरखेड़ा जनपद की ग्राम पंचायत शुक्ल पिपरिया सरपंच फागूराम पटेल और सचिव रामदयाल पटेल ने जिला पंचायत सीईओ से शिकायत कर बताया कि ग्राम पंचायत शुक्ल पिपरिया में पूर्व में पदस्थ जीआरएस अजय कोरी जो वर्तमान में ग्राम पंचायत घुघरा में पदस्थ है।जीआरएस द्वारा शुक्ल पिपरिया का मनरेगा पोर्टल का यूजर आईडी पासवर्ड चोरी करके लाखों रुपए के कार्यों के फर्जी मस्टर जारी करते हुए पंचायत खाते से सरकारी राशि हड़प ली।जीआरएस द्वारा किये गए भ्रष्टाचार  को "दैनिक मध्यप्रदेश" ने उजागर किया।विधानसभा सदस्य व विधायक प्रणय प्रभात पांडेय ने जीआरएस द्वारा किये गए भ्रष्टाचार के इस मामले को विधानसभा में उठाया।ततपश्चात जिला पंचायत सीईओ ने प्रथम दृष्टया पंचायत सचिव रामदयाल पटेल को निलंबित किया। जिले स्तर पर चार सदस्यीय टीम बनाकर भ्रष्टाचार की जांच करने आदेश जारी किया।लेकिन महीने भर का समय बीत जाने पर भी जांच टीम नेभ्रष्टाचार के मामले की जांच नहीं किया।

इनका कहना है:- 

जीआरएस द्वारा किये गए फर्जीवाड़े मामले की जांच में अभी नहीं हुई है।जांच में शामिल जिले के अधिकारियों से चर्चा कर जल्द ही मामले की जांच की जाएगी। :-  केके पांडेय, सीईओ ढीमरखेड़ा

कल ही मैं छुट्टी से वापस लौटा हूं।अभी मामला संज्ञान में नहीं है।जांच क्यों नहीं हुईं हैं, क्या कारण है,इसकी जानकारी ली जायेगी।अगर लापरवाही बरती गई है तो संबंधित के खिलाफ निश्चित ही कार्रवाई की जायेगी।:- जगदीश गोमे ,जिला सीईओ

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