अधिवक्ताओं के हड़ताल में तेजी से हाई कोर्ट परिसर में पसरा सन्नाटा

--ऐक्शन कमेटी ने जारी किया बहुआयामी रणनीति।

   प्रयागराज इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं ने आज अपने हड़ताल को जन आंदोलन में परिवर्तित करते हुए तेजी के साथ नई धार दी जिसके प्रभाव से हाई कोर्ट परिसर में सन्नाटा पसर गया है। जानकारी के अनुसार लम्बे समय से हाई कोर्ट इलाहाबाद के अधिवक्ता हड़ताल में हैं व 19 अगस्त 2019 से वे क्रमिक अनशन पर भी हैं। इस दौरान 27 अगस्त को जन सहयोग से सफलतापूर्वक प्रयागराज बन्द भी रहा। इन दिनो हाई कोर्ट का पूरा काम व सिस्टम ही ठप्प पड़ गया है। बता दें कि अब अधिवक्ता हाई कोर्ट के परिसर में भी प्रवेश नही कर रहे है व फोटो एफिडेविट सेंटर भी बंद करा दिया है। आज हड़ताली अधिवक्ताओं ने जुलूस के रूप में जाकर जिलाधिकारी प्रयागराज को ज्ञापन भी दिया है।

    आज लाइब्रेरी हाल में हाई कोर्ट बार एशोसिएशन की लाइब्रेरी हाल में जनरल हाउस में ऐक्शन कमेटी की रिपोर्ट के बाद सर्वसम्मति से नई रणनीति तय की गई जिसके अनुसार:- दिनांक- 30-08-2019 को डिप्टी सी०एम० केशव प्रसाद मौर्या और  केबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के घर घेराव, 31-08-2019 को हनुमान मन्दिर पर बुद्धि शुद्धि यज्ञ , 01-09-2019 सभी बार की सामूहिक मीटिंग 02-09-2019 को जेल भरो आन्दोलन, 03-09-2019 को लखनऊ चलने की योजना की तैयारी, 04-09-2019 को लखनऊ कूच की कार्ययोजना बनी है। बता दें कि अधिवक्ताओं ने अब अपने हड़ताल को "प्रयागराज बचाओ जन आंदोलन" में बदल दिया है जिसमे उन्हें अपार जन समर्थन मिल रहा है। बदले हालात में फूलपुर की भाजपा सांसद केशरी देवी पटेल ने भी लिखित रूप से इस आंदोलन को समर्थन दे दिया है। आंदोलनरत अधिवक्ताओं का कहना है कि वर्तमान सरकार प्रयागराज में स्थापित तमाम कार्यालयों यथा पुलिस हेड क्वार्टर, निदेशालय, सीमैट, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद, नवगठित शिक्षा अधिकरण व जीएसटी को जबरन लखनऊ में स्थापित कर रही है जबकि अपने छुपे एजेंडे के तहत वह इस हाई कोर्ट से जुड़े 18 जिलों को लखनऊ बेंच में भी स्थानांतरित करने की कोशिश कर सकती है जिसका अधिवक्ता समाज के साथ ही प्रयागराजवासी व आस-पास के जिलों के नागरिक घोर विरोध करते हैं। सरकार के तानाशाही रवैये से लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है जिससे यदि सरकार ने जल्द आंदोलनरत अधिवक्ताओं की मांगें न मानी तो वर्तमान सरकार को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। आज के आंदोलन में अध्यक्ष राकेश पांडे सहित हाई कोर्ट बार एशोसिएशन के सभी सदस्य व पदाधिकारी, पूर्व अध्यक्ष प0 वी0सी0 मिश्र व आई0के0 चतुर्वेदी, वरिष्ठ अधिवक्ता बृजेश सहाय, आर0के0 पाण्डेय, दुर्गेश चन्द्र तिवारी, मो0 जमाल खान, सन्तोष पाल आदि हजारों अधिवक्ता सक्रिय रूप से अपना सहयोग किये।




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