विशेष संवाददाता अनुप दुबे की रिपोर्ट

कटनी/ढीमरखेडा -शासकीय माध्यमिक शाला गौरा में  तहसील क्षेत्र अंतर्गत आने वाले  कछार गांव बड़ा  संकुल के  माध्यमिक शाला गौरा में शिक्षक महेंद्र सिंह के द्वारा साला प्रांगण को पेड़ पौधों से  ऐसा सजा कर रखा है  मानो जैसे किसी  गार्डन का नजारा  हो स्कूल को बना दिया गार्डन ताकि बच्चों का पढ़ाई में लगे मन की बात को महत्व देते हुए शिक्षक ने अपने निजी खर्चे से साला प्रांगण में तकरीबन 5 दर्जन से अधिक पेड़ पौधे लगाए हुए जिसमें बेला चमेली गुलाब रातरानी गुलमोहर  एक दर्जन शोभायमान पौधे नारियल सुपारी और रुद्राक्ष के पेड़ भी तैयार हो चुके हैं साला में साफ सफाई की विशेष व्यवस्था है हर कमरों में पर्दे पंखे  कूड़ादान पेंट से दीवारों में पुताई दीवारों में महापुरुषों के चित्र और संदेशों का लेखन  शुद्ध पेयजल व्यवस्थित प्रसाधन   प्रांगण में व्यवस्थित मंच आदि व्यवस्थाएं जो कि निजी स्कूलों में होती हैं वैसी व्यवस्था शिक्षक महेंद्र सिंह के द्वारा शासकीय स्कूल में करके रखी गई हैं शासकीय शाला में निजी शालाओं जैसे व्यवस्था की जानकारी मिलने पर तत्कालीन कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने विद्यालय का निरीक्षण किया था  और माना था की प्रदेश का पहला शासकीय विद्यालय जंहा शिक्षा के साथ संगीत की शिक्षा दी जाती है  जिस बात को लेकर जिला शिक्षा समिति की बैठक में शिक्षक का सम्मान किया था कलेक्टर के बी एस चौधरी ने भी निरीक्षण में शिक्षक के द्वारा किये कार्य की सराहना करते हुए ऐसे शिक्षक ही समाज में मिशाल बनते है ऐसी बाते कही थी सारी व्यवस्थाये शिक्षक महेंद्र सिंह ने निजी खर्चे से की हैं गांव के बच्चे शिक्षा के साथ संगीत की शिक्षा भी ले रहे हैं शरद पूर्णिमा के दिन तकरीबन छह दशकों से गांव के बच्चों के द्वारा रासलीला कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाती है जिसे देख ले आसपास के दर्जनों ग्राम से लोग पहुंचते हैं बड़वारा विधायक विजय राघवेंद्र बसंत सिंह से इस संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने बताया  गौरा माध्यमिक शाला के शिक्षक के द्वारा सराहनीय कार्य किया गया है शिक्षक को शासन स्तर पर सम्मानित करवाया जाएगा और प्रयास किया जाएगा क्षेत्र की अन्य शालाओं में भी शिक्षकों के द्वारा ऐसे कार्य किए जाएं




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