संतान की दीर्घायु और सुख समृद्धि के लिए महिलाओं ने किया हलषष्ठी का व्रत

कलयुग की कलम (अंकित झारिया रिपोर्टर)

 उमरियापान:- संतान की दीर्घायु और सुख समृद्धि की प्रार्थना के लिए महिलाओं ने बुधवार को हलषष्ठी का व्रत किया। मिट्टी की कलशों और दोनों में छठ माता को भोग लगाकर महिलाओं ने प्रसाद का बांटा। विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद बिना हल से जुता अनाज खाकर व्रत खोला। पूजन के साथ महिलाओं ने भजन भी गाए।सुबह स्नान-ध्यान के बाद महिलाएं व्रत का संकल्प लेकर पूजा में जुट गई। आंगन में सांकेतिक तालाब बनाकर उसमें झरबेरी, पलाश की टहनियों व कांस की डाल को बांधकर चना, गेहूं, जौ, धान, अरहर, मूंग, मक्का व महुआ को बांस की टोकनी और चुकड़ी में भरकर दूध-दही, गंगा जल अर्पित करते हुए षष्ठी देवी की पूजा किया।  बुधवार सुबह से ही बाजार में पूजन सामग्री सहित अन्य सामाग्री की खरीदी के लिए दुकानें पर भीड़ नजर आई। बाजार में पसही के चावल, भुजेना, महुआ, मिट्टी की डबुली की खरीदी करते महिलाएं नजर आईं।

 पं.ब्रजेश गौतम के अनुसार इस दिन पुत्रवती स्त्रियां व्रत रखती हैं। इस दिन गाय का दूध, दही भी नहीं खाया जाता। भैंस का दूध दही ही उपयोग में लाया जाता है। इस दिन स्त्रियां एक महुए की दातुन करतीं हैं।उमरियापान के अलावा तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं ने व्रत रखकर हलषष्टी का पर्व मनाया।

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