ंहम उतर रहे है अन्याय के खुलाफ़ देश को तोड़ने वाली ताकतों के खिलाफ कोंन देगा मेरा साथ

आखिरकार देश को क्या हो गया आज भी  अंधभक्ति  अंधविश्वास झूठ और फरेब पर  कर रही जनता विश्वास ग्रामीण क्षेत्रों की गरीब जनता आज भी इन टोटकों पर विश्वास करती है । मेरे मन में बड़े दिनों से एक चीज आ रही है कि वर्तमान में जो भी सरकारें हैं। जो अच्छे विचारों को लेकर चल रही हैं । वह पंचायतों पर छोटे-छोटे कार्यक्रम करें जिसमें ज्यादा से ज्यादा लोगों लोगों को जोड़ने का प्रावधान हो 1 टाइम के भोजन की भी विवस्था करने की कोशिस की जाए ताकि जड़ ग्रामीण जोड़े जा सकें  या हम सब मिलकर कुछ कलेक्शन करें  और लोगों तक सही बात पहुंचाने का प्रयत्न करें  क्योंकि जिस तरीके से सोशल मीडिया टीवी यूट्यूब में चल रहा है।वह देश को रोजाना गर्त की ओर ले कर जा रहा है । अगर हम सब मिलकर ऐसा कुछ प्रयास करें छोटे-छोटे मंच लगाकर लोगों को जागरूक करने का कार्य करें तो अच्छे परिणाम मिलेंगे। क्योंकि इन्होंने बहुत सारे ऐसे असामाजिक तत्वों के संगठन बना रखे हैं जो ऐसे प्रयोग कर रहे हैं। जिससे दिन पाय दिन मुल्क में अशांति फैल रही है। नित्य नए संगठन में नौजवान जुड़ रहे हैं और उसे उपलब्धि मान रहे हैं नए दायित्व मिल रहे हैं जिन्हें वह श्रेष्ठ मान रहे में चाहता हु मुझे काम करने के लिए मंच मिले जिसमें मैं एक  कार्यकर्ता बनकर समाज चेतना का कार्य करूं जिस तरीके से राजनीति को दूषित किया गया है और लोगों के अंदर देश और आस्था को लेकर पाप भरा गया है । उसे कैसे भी करके हमें बाहर निकालना होगा तब जाकर देश का उत्थान होगा और देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा । हर व्यक्ति के अंदर अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर देश की सुरक्षा व्यवस्था और देश की एकता और अखंडता होना चाहिए  हर व्यक्ति जब इन चीजों को लेकर आगे बढ़ेगा तब वह सही विचार करके अपने मत का इस्तेमाल करेगा  टीवी यूट्यूब मोबाइल सोशल मीडिया देखकर लोगों के अंदर गलत भावनाएं जागृत हो रही हैं। लोग सबसे बड़ा विकास अपनी आवश्यकता की पूर्ति को समझ रहे हैं। जबकि लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति भी नहीं हो रही है झूठे वादे और खोखले सपनों पर लोग अपने आपको बेच रहे हैं। हम जब इस कार्य को शुरू करेंगे तब सबसे बड़ी जो आवश्यकता होगी वह हमारी सुरक्षा विवस्था की आवश्यकता होगी  क्योंकि हम जिनके सामने खड़े हो रहे हैं वह हमें फंसाने के दांव  जरुर चलाएंगे। एक बड़े बदलाव के लिए किया आप मेरे साथ है।

लेखक  अब्दुल कादिर खान अपनी राय मेरे मोबाइल व्हाट्सएप में जरूर लिखे 9753687489

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