शिक्षा मंत्री के क्षेत्र में शिक्षा की दयनीय हालत 

जर्जर भवन में जान जोखिम में डाल पढ़ने को मजबूर छात्राएं

आर एन एस रायसेन। बालिका पढ़ेगी भविष्य गडेगी, जैसे नारे हमेशा सुनाई देते हैं। सरकारें भी बालिका शिक्षा को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करती आई है। नेता भी  बालिका शिक्षा को चुनावी रैलियों में खूब कहते सुनाई देते है। लेकिन यथार्थ में ऐसा कुछ होता दिखाई नहीं दे रहा है । जी हां हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री डॉक्टर प्रभु राम चौधरी के गृह क्षेत्र की।  जहां छात्र छात्राओं को जर्जर भवन में बैठकर शिक्षा अर्जित करना पड़ रही है। स्थिति यह है कि भवन कब धराशाई हो जाए और कोई  हताहत हो जाए ओर जान पर बन आये। भगवान न करे ऐसी कोई दुर्घटना घटित हो। लेकिन सोमवार-रविवार की दरमियानी रात जिले में हुई जोरदार बारिश के कारण जर्जर हो चले गैरतगंज शासकीय कन्या उच्चतर विद्यालय के भवन का छज्जा डह गया। हालांकि यह घटना तब घटी जब स्कूल बंद था। जिससे किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इस घटना से यह स्पष्ट हो जाता है कि जब शिक्षा मंत्री के गृह क्षेत्र में शिक्षा की दयनीय हालत है। तो प्रदेश में शिक्षा की स्थिति कैसी होगी यह अंदाजा सहजता से लगाया जा सकता है।

जिले में हो रही जोरदार बारिश से जहां नदी नाले उफान पर हैं तो पुराने जर्जर भवन भी अब ढहने लगे हैं। ऐसा ही एक घटना गैरतगंज तहसील मुख्यालय स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के भवन का छज्जा ढहने की सोमवार को सामने आई है । अति वर्षा के कारण बीती रात डह गया। हालांकि इस घटना का समय रात्रि था जिसकी वजह से कोई घायल नही हुआ। वहीं स्कूल  प्रबंधन द्वारा भवन की मरम्मत कराने का कार्य किया जा रहा है। गौरतलब हो कि उक्त भवन तकरीबन 60 वर्ष पुराना है । जो कि बालक माध्यमिक शाला के नाम से बनाया गया था। बालक माध्यमिक शाला का नवीन भवन बनने के बाद यहां पर कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को शिफ्ट कर दिया गया।  तहसील मुख्यालय स्थित कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आसपास के दर्जनों गांव की सैकड़ों छात्राएं अध्ययन करती हैं । लेकिन पक्का और मजबूत भवन ना होने के कारण हमेशा इन छात्राओं को अपनी जान का खतरा बना रहता है। कई बार ग्रामीणों द्वारा शिकायत भी की जा चुकी है और नए भवन की मांग भी । लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के साथ-साथ क्षेत्र के विधायक व प्रदेश सरकार ने शिक्षा मंत्री इस और कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं । लिहाजा छात्र-छात्राओं को अपनी जान हथेली पर रखकर पढ़ाई करना पड़ रही है। 

 इनका कहना है 

भवन अधिक पुराना है और बारिश अधिक हो रही है जिसके कारण स्कूल भवन का छज्जा डह रहा है। वह भी बीती रात में गिरा जबकि पूर्व से इस जर्जर भवन में विद्यालय को नहीं लगाया जा रहा है। 5 के 4 पक्के बनि कक्षाओं में विद्यालय संचालित है,और जगह कम होने के कारण 2 शिफ्ट में स्कूल संचालित किया जा रहा है।  नए भवन की रिकमेंडेशन शासन को भेजी गई है, मंजूरी मिलने के बाद नया भवन बनाया जाएगा। 

आलोक खरे जिला शिक्षा अधिकारी रायसेन



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