KKK न्यूज रिपोर्टर
         नैनी
    सुभाष चंद्र

प्रयागराज बीते कुछ दिनों से  विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव को लेकर काफी चर्चा में रहा है क्योंकि  विश्वविद्यालय में छात्र संघ की जगह छात्र परिषद लागू किया जा रहा है। कुछ लोग इसके पक्ष में हैं तो वही कुछ विपक्ष में। इसी बीच इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेताओं का एक समूह जब 
महंत बजरंगमुनि महाराज से मिला और इस विषय पर चर्चा की तो महंत जी ने भी  छात्र परिषद के लिए विरोध के स्वर ऊंचे किये। महंत जी ने कहा कि वास्तव में जब आम छात्र इन चुनाव का हिस्सा ही नहीं होगा तो ऐसे परिषद की कोई आवश्यकता नहीं है। यहाँ तक कि अब तो ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में आम चुनावों की भांति होंगे तो ये कतई उचित नहीं। छात्र संघ छात्रों और छात्र नेताओं का है इसमें शिक्षकों को अपने निजी स्वार्थ के लिए राजनीति नहीं करनी चाहिए। इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने अपनी गरिमा को खोने का कार्य किया है जो विश्वविद्यालय पूरब का आक्सफोर्ड और आइएस की फैक्ट्री कही जाती थी अब वहां शिक्षकों की गुणवत्ता और रैंकिंग में कमी आयी है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ का एक गौरवशाली इतिहास रहा तमाम राष्ट्रीय स्तर के राजनेता और कुशल प्रशासक यहीं से निकले हैं।वास्तव में छात्र संघ का खत्म होना एक आदर्श परम्परा का अंत होगा। इसलिए मैं राज्य और केंद्र सरकार से ये अपील करना चाहूंगा कि छात्र संघ बहाली पर विचार करे और इस नव युवा शक्ति के हाथों में उनका भविष्य सौंपकर छात्रसंघ की रक्षा करे।
ज्ञात हो कुछ दिन पूर्व ही भाजपा सांसद विनोद सोनकर ने इस विषय पर संसद में प्रश्न उठाया था।
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