KKK न्यूज़ ब्यूरो रिपोर्ट
        प्रयागराज
विकास कुमार पटेल

धारा 41 के मामले प्राथमिकता के आधार पर अगली मण्डलीय समीक्षा तक करें निस्तारित- मण्डलायुक्त, प्रयागराज

सॉलिड वेस्ट एवं बायो मेडिकल वेस्ट को व्यवस्थित निस्तारण सुनिश्चित करवायी जाय

सही आकड़ें अथवा सूचना न देने वालों को दी जाय प्रतिकूल प्रविष्टि मण्डलायुक्त, प्रयागराज।

सार्वजनिक आयोजन में बिजली के उपकण सही तरीके से उपयोग न करने वालों के खिलाफ की जाय कार्यवाही   मण्डलायुक्त, प्रयागराज प्राथमिक स्कूलों के ऊपर से गुजरने वालों तारों को दुरूस्त कराने के साथ प्राथमिक स्कूलों की विद्युत व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के कमिश्नर ने दिये निर्देश स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन की राजस्व वसूली में शिथिलता बरतने पर प्रतापगढ़ एवं फतेहपुर के डीआईजी स्टाम्प तथा एडीएम एफआर से स्पष्टीकरण तलब

विद्युत के बकायेदारों से वसूली में लापरवाही पर कमिश्नर हुए सख्त, कम वसूली करने वाले डिवीजनों को कारण बताओं नोटिस निर्गत करने के दिये निर्देश
विद्युत के बकायेदारों से वसूली मे शिथिलता एवं बैठक में अनुपस्थित होने पर प्रतापगढ़ के अधीक्षण अभियन्ता से किया गया स्पष्टीकरण तलब
गौ आश्रय स्थलों, वृद्धआश्रमों, संरक्षण गृहों का व्यापक रूप से अधिकारीगण करते रहें निरीक्षण मण्डलायुक्त, प्रयागराज
एम्बुलेंसों की सही रिपोर्ट न प्रस्तुत करने पर कमिश्नर ने मुख्य चिकित्साधिकारियों को लगायी कड़ी फटकार, सीएमओ कौशाम्बी से स्पष्टीकरण तलब
सीएमओ, एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ को चिकित्सालयों के निरीक्षण करने की रिपोर्ट ट्रेजेरी मे देने के बाद ही मिल सकेगा वेतन लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश एडी हेल्थ को दिये गये मूलभूत आवश्यकताएं में स्वास्थ्य एवं शिक्षा महत्वपूर्ण स्थान हैं, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही  मण्डलायुक्त प्रयागराज।

मण्डलायुक्त प्रयागराज डॉ. आशीष कुमार गोयल की अध्यक्षता में आज मण्डलीय समीक्षा बैठक आयुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार में हुयी। बैठक में जिलाधिकारी प्रयागराज  भानुचन्द्र गोस्वामी, जिलाधिकारी कौशाम्बी  मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी फतेहपुर  संजीव सिंह, जिलाधिकारी प्रतापगढ़  मार्कण्डेय शाही, मुख्य विकास अधिकारी प्रयागराज  अरविन्द सिंह, मुख्य विकास अधिकारी कौशाम्बी  इन्द्रसेन सिंह, मुख्य विकास अधिकारी प्रतापगढ़  धीरेन्द्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी फतेहपुर चाँदनी सिंह सहित मण्डलीय अधिकारीगण उपस्थित थे। 
बैठक में मण्डलायुक्त ने लम्बित वादों के निस्तारण की समीक्षा की। जिसमें उन्होने पूर्व में दिये गये निर्देशों के अनुपालन की जानकारी ली। पांच वर्ष से अधिक समय से लम्बित वादों के निस्तारण में अपेक्षित प्रगति न होने पर मण्डलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वादों के निस्तारण में ए श्रेणी से नीचे वालें पीठासीन अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया जाय। उन्होंने धारा 41 वाले प्रकरणों के निस्तारण में भी प्रगति संतोषजनक न पाये जाने पर अधिकारियों को निर्देशित किया कि अगली मण्डलीय समीक्षा बैठक से पूर्व समस्त प्रकरण निस्तारित कर दिये जाय। 
मण्डलायुक्त ने प्रयागराज मण्डल के जनपदों मे चल रहें विकास कार्यों की जानकारी जिलाधिकारियों से विस्तृत रूप से ली। इसके साथ ही उन्होंने जल संरक्षण अभियान, वृक्षारोपण के कार्यों की समीक्षा करते हुए, इस पर किये जा रहें कार्यों को विस्तृत रूप से जाना। उन्होंने सॉंलिड वेस्ट मैनेजमेंट की जनपदों में स्थिति की जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि सालिड वेस्ट निस्तारित की उचित व्यवस्था की जाय तथा इसकी समीक्षा भी  समय-समय पर कर ली जाय।  उन्होंने इसी के साथ अस्पतालों के बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में भी अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया और कहा कि बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में नजर रखी जाय। इसके साथ ही जिन अस्पतालों के द्वारा बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण समुचित रूप से नही किया जा रहा है उनके खिलाफ कार्यवाही भी की जाय। कुछ आंकडे संशयपूर्ण पाये जाने पर कमिश्नर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संयुक्त विकास आयुक्त को निर्देशित किया कि जिन लोगों के द्वारा सूचनायें गलत दी गयी है, उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी जाय। 
मण्डलायुक्त ने प्राथमिक विद्यालयों के ऊपर से गुजरने वाले विद्युत तारों को शिफ्टिंग कराये जाने के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य को समयबद्ध मे लेते हुए पूरा किया जाय। इसके साथ ही उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि प्राथमिक स्कूलों के परिसरों व भवनों का भी निरीक्षण कर ली जाय तथा वहां के विद्युत सम्बन्धी व्यवस्थाओं एवं उपकरणों को देख लिया जाय तथा कमियां पाये जाने पर उसे प्राथमिकता के आधार पर दुरूस्त भी कर दिया जाय। मण्डलायुक्त ने सार्वजनिक आयोजनों में विद्युत के तारों का उपयोग विद्युत मानकों के अनुसार न किये जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मुख्य विकास अधिकारी प्रयागराज ने बताया कि बीएसए से मिलकर रोस्टर तैयार कर लिया गया है तथा उसी के अनुसार कार्य किया जा रहा है। 
मण्डलायुक्त ने राजस्व वसूली के कार्यों की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने स्टाम्प एवं  रजिस्ट्रेशन के द्वारा राजस्व वसूली कम किये जाने पर नाराजगी व्यक्त की तथा प्रतापगढ़ एवं फतेहपुर के डीआईजी स्टाम्प एवं एडीएम(एफ/आऱ) का स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने विद्युत विभाग के द्वारा बकायेदारों से वसूली में शिथिलता बरतने पर विद्युत विभाग के अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन डिवीजनों में वसूली में शिथिलता बरती गयी, उन डिवीजनों को कारण बताओ नोटिस निर्गत किया जाय। उन्होंने अपर जिलाधिकारीगण(वित्त एवं राजस्व) को भी निर्देशित किया कि इसमें लगकर बिजली के बकायेदारों से वसूली की जाय। उन्होंने बैठक में अनुपस्थित होने तथा प्रतापगढ़ में बिजली के बकायेदारों से वसूली में शिथिलता पर प्रतापगढ़ के अधीक्षण अभियन्ता से स्पष्टीकण तलब किया। 
मण्डलायुक्त ने अधिकारियों द्वारा गोवंश आश्रय स्थल के निरीक्षण की रिपोर्ट देखी तथा निरीक्षण में पायी गयी कमियों को दूर करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गोंवंश आश्रय स्थलों की समीक्षा नियमित रूप से की जाय। इसके साथ ही कैटल कैचर के माध्यम से आवारा पशुओँ को पकड़ने के अभियान को और तेज किया जाय। 
मण्डलायुक्त ने प्राप्त हो रही शिकायतों के निस्तारण में अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण पूरी गुणवत्ता के साथ किया जाय तथा इस बात का भी ध्यान दिया जाय कि प्रकरण की जांच करने वाले अधिकारी अपने हस्ताक्षर एवं नाम सहित आख्या प्रस्तुत करें। इसके साथ ही उच्चाधिकारियों के द्वारा निस्तारण की समीक्षा की जाय तथा शिकायतों के निस्तारण होने पर शिकायकर्ता को अवगत करा दिया जाय। 
मण्डलायुक्त ने अस्पतालों में चिकित्सकों की उपस्थिति की समीक्षा की। जिसमें बताया गया कि चिकित्सकों की उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जा रही है। मण्डलायुक्त ने एम्बुलेंसों के सम्बन्ध में दिये गये पूर्व निर्देशों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन एम्बुलेंसों के उपकरण सही न हो तथा एसी काम न करता हो, उन एम्बुलेंसों के भुगतान में कटौती की कार्रवाई की जाय। मुख्य चिकित्साधिकारियों के द्वारा इस पर कोई भी कार्यवाही न किये जाने पर कमिश्नर ने सख्त नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने चारों जनपदों के चिकित्साधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि एम्बुलेंस अगर खराब दशा में है या एसी खराब है या दवायें नही है तो उक्त एम्बुलेंस के देयक में कटौती की जाय, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही पाये जाने पर कडी कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने सीएमओ कौशाम्बी के द्वारा एम्बुलेंस की स्थिति की सही रिपोर्ट  प्रस्तुत न करने पर उनसे स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिये।   उन्होंने जिलाधिकारियों को एम्बुलेंसों की समयबद्ध तथा कमियां पाये जाने पर भुगतान में कटौती करने के निर्देस दिये। मण्डलायुक्त ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि सीडीओ, एडीएम तथा वित्त अधिकारियो की एक कमेटी बनाकर खराब एम्बुलेंस को किये गये भुगतान पर जिम्मेदारी तय करें। उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्रों, चिकित्सालयों में पुराने बोर्ड, निष्प्रयोज्य सामग्रियों के निस्तारण की समीक्षा की तथा एडी हेल्थ को निर्देशित किया कि लापरवाही करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया जाय। मण्डलायुक्त ने कहा कि सीएमओ, एसीएमओ एवं डिप्टी सीएमओ नियमित रूप से चिकित्सालयों का निरीक्षण करें तथा निरीक्षण करना का प्रमाण पत्र ट्रेजरी में प्रस्तुत करें। ट्रेजरी अधिकारी के द्वारा संतुष्ट होने के बाद ही सीएमओ, एसीएमओ एवं डिप्टी सीएमओ का वेतन निर्गत किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनसामान्य के लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा दो महत्वपूर्ण विषय होते है, जो सीधे उनके जीवन व भविष्य से जुड़े होते है इसलिए इनमें किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता कतई बर्दाश्त नही की जायेगी। 
मण्डलायुक्त ने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं यथा पेंशन, छात्रवृत्ति, दिव्यांगजन सशक्तिकरण आदि की समीक्षा की तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें योजनाओं के लाभ प्रदान किया जाय। उन्होंने कहा कि लोगो को सरकार के द्वारा चलायी जा रही योजनाओं की जानकारी मिल सके इसके लिए योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाय। उन्होंने योजनाओं के प्रसार में सोशल मीडिया के माध्यम से करने पर जोर दिया। उन्होंने जिलाधिकारियों को  निर्देशित किया कि वृद्धाआश्रम, संरक्षण गृहों को नियमित रूप से निरीक्षण किया जाय, जिससे वहां की व्यवस्थाओं की पड़ताल के साथ निरीक्षण के दौरान इंगित कमियाँ भी दूर होती रहें। 
मण्डलायुक्त ने खाद्य सुरक्षा, लाईटिंग, पाठ्य पुस्सकों, स्कूली यूनिफार्म व बैग वितरण, गांवो का ऊर्जीकरण, पारदर्शी किसान सेवा योजना, अवैध खनन, नहरो में टेल तक पानी पहुंचाने आदि कार्यों का विस्तार से समीक्षा की तथा अधिकारियों को उचित निर्देश दिये। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया सड़क के गड़ढों के तत्काल भरने की कार्यवाही की जाय।


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