बारिश के दिनों करा दिया सड़क और तालाबों का निर्माण,फर्जी तरीके से हड़पी लाखों की राशि

सीएम, पंचायत मंत्री,कमिश्नर, कलेक्टर और सीईओ से किया शिकायत, जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग

कलयुग की कलम (अंकित झारिया रिपोर्टर(

कटनी/ उमरियापान:- बारिश के सीजन में तालाब निर्माण और सड़क निर्माण कार्य के नाम पर फर्जी मस्टररोल बनाकर लाखों रुपए की राशि आहरित करने का मामला ढीमरखेड़ा जनपद क्षेत्र में सामने आया है। जिसकी शिकायत राजेंद्र खरे ने सीएम कमलनाथ, पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल से लेकर संभागायुक्त,कलेक्टर और जिला व जनपद पंचायत सीईओ से किया है।  फर्जीवाड़े के इस मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग किया है।

मध्यप्रदेश जनजागरण मोर्चा प्रदेश सचिव राजेन्द्र खरे व अन्य ने शिकायत पर बताया कि जुलाई माह के अंत में ही तालाब सहित अन्य जलाशय पानी से लबालब हो गए।अब भी लगातार बारिश चल रही हैं।नियम के मुताबिक बारिश के चार महीने मिट्टी निर्माण कार्य पर सरकार ने प्रतिबंध लगाया है। लेकिन  ढीमरखेड़ा कि ग्राम पंचायत आमाझाल,खम्हरिया बागरी, गौरा, बरहटा, भमका, सैलारपुर,इटौली, नेगई और खमतरा खम्हरिया में पंचायत के जिम्मेदार सचिव - सरपंच ने बारिश के दिनों ही तालाबों का विस्तारीकरण और सड़कों का निर्माण कार्य करा दिया है।इतना ही नहीं इटौली ग्राम पंचायत में एक ही निर्माण कार्य का चार बार अलग अलग भुगतान तक किया गया है।शिकायत पर बताया गया है कि सड़क और तालाबों के निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी मजदूरी बताकर फर्जी मस्टररोल जारी किए गए। सरपंच- सचिव ने जनपद के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर लाखों रुपये की राशि का आहरण कर बंदरबाट भी किया गया। शिकायतकर्ता राजेंद्र खरे ने सीएम कमलनाथ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल के अलावा कमिश्नर, कलेक्टर और जिला व जनपद सीईओ को पंचायतों में हुए फर्जीवाड़े की शिकायत में मनरेगा पोर्टल पर प्रदर्शित दस्तावेजों को भी संलग्न कर फर्जीवाड़े के सबूत के तौर पर दिया है।

इनका कहना है:- बारिश के दिनों मिट्टी के कार्य कराना गलत है।बारिश के दिनों ढीमरखेड़ा में तालाब और सड़क निर्माण कार्य कराए जाने की शिकायत प्राप्त हुई। अतिरिक्त जिला पंचायत सीईओ को इस मामले की जांच करने कहा है।जांच में जो भी बिंदु सामने आते है नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।:- जगदीश गोमे, सीईओ जिला पंचायत

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