ग्राम पंचायत कौड़िया मैं आयोजित हुआ कार्यक्रम

कलयुग की कलम न्यूज  रिपोर्टर

स्लीमनाबाद-  गर्भवती महिलाओ ओर नवजात शिशु में कुपोषण के कारण असामयिक मृत्यु ओर अस्वस्थ जीवन की चिंता से ग्रसित भारत सरकार के माध्यम से अनेक योजना चलाकर कुपोषित मुक्त भारत बनाने का कार्य जारी है। इसी के चलते स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने वाली खाघ सामग्री के द्वारा कैसे पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो इसके लिए एकीकृत महिला बाल विकास परियोजना बहोरीबंद के अंर्तगत आने वाली साप्ताहिक हाट बाजार कौड़िया में गुरुवार को महिला पर्यवेक्षकों एवं क्षेत्रीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ ने क्षेत्रीयता आधारित उपलब्ध साग भाजी अंकुरित आनाज एवं व्यंजनों का प्रदर्शन कर क्षेत्रीय आम जनता महिलाओं को जागरूक किया गया। पर्यवेक्षक सुषमा मांडे ने लोगों को बताया कि कुपोषण में क्या होता है।कुपोषण को खत्म करने के मुख्य रूप से दो तरीके है। बीमारी और विकास का प्रतिरोध करने जैसी सामान्य चीजें कुपोषण वाले व्यक्ति में मुश्किल हो जाती हैं। सीखने की क्षमता कम करने और शारीरिक काम करना कठिन है। प्रेगनेंसी में जोखिम शामिल है और स्तन दूध पर्याप्त या पोषण पर्याप्त नहीं हो सकता है। यदि भोजन पर्याप्त या पोषण पर्याप्त नहीं है तो कुपोषण की संभावना बढ़ जाती है। भले ही भोजन खाने के लिए पर्याप्त हो सकता है। फिर भी सूक्ष्म पोषक तत्व दैनिक जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं होने पर कुपोषण हो सकता है। कुपोषण और बीमारी निकटता से जुड़ी हुई है। रोग अक्सर कुपोषण का परिणाम हो सकता है या इसके कारण भी हो सकता है। कुपोषण पूरी दुनिया में बीमारी का सबसे बड़ा कारण है। प्रारंभिक आयु से जुड़ी कुपोषण बचपन में मानसिक और शारीरिक विकास को कम कर देती है। आहार में आयोडीन की कमी मानसिक समस्याओं और मंदता का सबसे बड़ा कारण है। कुपोषण के कारण महिलाएं कम वजन वाले बच्चों का जन्म देती हैं। जिसके कारण आज कुपोषित जीवन हमारे सामने बहुत बड़ी समस्या बना हुआ है जनजागृति लाकर इस पर विजय पाना आज हम सब का कर्तव्य है। दीपों की रोशनी से जगमगाये आगनबाड़ी केंद्र दिलाई शपथ- वही देर शाम आगनबाड़ी केंद्र मैं पोषण दीपमाला का आयोजन किया गया।दीपों की रोशनी से आगनबाड़ी केंद्र को जगमगाया गया। प्रज्ववलित दीपों के समक्ष कुपोषण को दूर करने एवं पोषण आहार सेवन करने की शपथ दिलवाई गयी। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ,सहायिकाओं की मौजूदगी रही।


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