हनी ट्रैप मामले की मास्टरमाइंड सुंदरी आरती दयाल के छतरपुर के घर पर इंदौर की पुलिस पहुंच गई। घर पर पुलिस हार्ड डिस्क की तलाश में पहुंची है। सुंदरी की मां के द्वारा दरवाजा नहीं खोले जाने के कारण इंदौर पुलिस का मिशन नाकाम हो गया है।

कलयुग की कलम न्यूज /भोपाल 

हनी ट्रैप मामले में घिरी छतरपुर की आरती दयाल उर्फ आरती अहिरवार के घर लगातार दूसरी बार इंदौर क्राइम ब्रांच की पांच सदस्ययी टीम पड़ताल करने के लिए पहुंची। बीती रात भी यह टीम आरती के पिता के देरी रोड स्थित घर गई थी। लेकिन घर के अंदर बंद उसकी मां ने दरवाजा नहीं खोले थे। इंदौर से पांच सदस्ययी टीम सोमवार की सुबह छतरपुर पहुंची और योजना बनाकर आरती के घर पर दबिश दी। इस दौरान आरती की मां ने दरवाजा नहीं खोले। क्राइम ब्रांच की यह टीम अपने साथ एक थैला भी लाई थी, जिसमें ताले खोलने से संबंधित उपकरण और औजार आदि थे। आरती के घर पर पुलिस को एक युवक रवि अहिरवार भी मिला, जिसे बताया गया कि वह आरती की मौसी का बेटा है। क्राइम ब्रांच की टीम ने उससे मारपीट कर पूछताछ की। घर के अंदर दरवाजा तोड़कर टीम दाखिल हुई और सीसीटीवी के तार काट दिए। इस पर एक कमरे में बंद आरती की मां ने डायल 100 को फोन लगा दिया। जिससे स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। स्थानीय पुलिस के आते ही क्राइम ब्रांच की टीम यहां पर थैला छोड़कर चली गई।

हार्ड डिस्क में छिपे बड़े राज, उसी को बरामद करने हो रहे प्रयास :

आरती दयाल से हुई पूछताछ में क्राइम ब्रांच इंदौर की टीम को उसने बताया है कि उसके छतरपुर स्थित पिता के घर पर कुछ सीडी और हार्ड डिस्क मौजूद हैं, जिसमें कई बड़े राज छिपे हैं। माना जा रहा है कि क्राइम ब्रांच की टीम उसी हार्ड डिस्क और अन्य दस्तावेजों की तलाश में जुटी है। आरती की मां एक कमरे में अपने को बंद करके रखा है। उधर दो दिन से घर के अंदर दाखिल होने के लिए परेशान क्राइम ब्रांच की टीम सोमवार को घर के अंदर तक तो पहुंच गई, लेकिन उस कमरे तक नहीं पहुंच पाई, जहां पर वह हार्डडिस्क रखे होने की बात कही जा रही है। इंदौर की टीम अभी भी शहर में है। उधर इंदौर पुलिस आरती को लेकर छतरपुर के लिए रवाना हो चुकी है। इंदौर पुलिस ने कोर्ट से आरती का रिमांड इसी आधार पर लिया है कि उसे छतरपुर ले जाकर कुछ लोगों की पहचान करानी है और जरूरी साक्ष्य जुटाने हैं।

माँ बोली मेरी बेटी को जबरन फंसाया

उधर एक बार फिर आरती की मां बैजंती अहिरवार ने मीडिया से कहा कि उसकी बेटी को जबरन फंसाया गया है। यह उसके पति की चाल हो सकती है। मेरी बेटी कैसी है यह मुझसे अच्छा कोई नहीं जानता, क्येांकि वह मेरा खून है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी तो सब कुछ साफ हो जाएगा।

भाजपा के नेता से टिकट दिलाने के नाम पर 50 लाख

इंदौर क्राइम ब्रांच और एटीसी की जांच में एक चौकाने वाला खुलासा भी छतरपुर को लेकर हुआ है। श्वेता और आरती की गैंग ने पिछले विधानसभा चुनाव में छतरपुर की चंदला विधानसभा सीट से टिकट दिलाने के लिए एक दावेदार से ५० लाख रुपए लिए थे। इंदौर क्राइम ब्रांच और एटीएस की जांच में हुए खुलासे के अनुसार इस गैंग की रूपा नामक युवती और उसकी तीन साथियों की तलाश की जा रही है। रूपा भी भोपाल के मिनाल रेसीडेंसी में रहती है। सूत्रों के अनुसार आरती दयाल अहिरवार और श्वेता जैन सागर ने २०१८ के विधानसभा चुनाव में टिकट दिलाने के लिए छतरपुर के एक युवा दावेदर से ५० लाख रुपए लिए थे। यह युवक भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा में पदाधिकारी भी है। इसे छतरपुर की चंदला सीट से टिकट दिलाने का वादा किया गया था। इन दोनों ने राजनीतिक दल में अपने संपर्कों का हवाला दिया था। इस युवक ने आरती और उसके लिव पार्टनर पंकज दयाल के बीच हुए विवाद में समझौता राशि दिलाने में भूमिका निभाई थी। इस बारे में जब संबंधित भाजपा नेता से बात की गई तो उन्होंने इस बात से साफ इनकार कर दिया कि उन्होंने आरती या श्वेता को रुपए दिए हैंं। वे आरोपों को गलत बताते हुए नजर आए।

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