जरूरत है आवश्यकता है जनता को सही दिशा देने की 

क्योंकि अब लोगों के समझ में आने लगा है देश की स्थिति बिगड़ती ही जा रहा है

 बेरोजगारी चरम पर है व्यवसाय  टुटते जा रहे हैं

 सरकारों द्वारा चलाई जा रही जन हितेषी योजनाएं बैठती ही जा रही हैं ।

जितनी भी योजनाएं चलाई गई है उन्हें धरातल तक पहुंचाने की हिम्मत सरकारों में बाकी नहीं है।

 आर्थिक  स्थिति निरंतर गिर्ती जा रही है ।

इस कारण योजनाओं को धरातल तक पहुंचाना मुश्किल होता जा रहा है ।

सामाजिक चेतना की आवश्यकता है।

 ग्रामीण एवं शहरी  सरकारों से सवाल करने और किए गए वचनों की पुर्ती ना होना पर सरकारों के विरुद्ध आंदोलन करने की तैयारी करै 

चंद्रयान 370 अलगाववाद से ज्यादा जरूरी है रोजगार के संसाधनों पर ध्यान दिया जाए

लोग बेरोजगारी से मर रहे हैं।

किसान निरंतर कर्ज के बोझ के तले दबे जा रहे हैं छोटे उद्योगपति और व्यवसाय लोग जीएसटी एवं अन्य texas se से मरे जा रहे हैं ।

लेखक अब्दुल कादिर खान कलयुग की कलम 

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