स्वास्थ्य विभाग पहले एनएचआरएम घोटाले के नाम से जाना जाता था सिद्धार्थ नाथ

KKK न्यूज़ ब्यूरो रिपोर्ट
       प्रयागराज
विकास कुमार पटेल

प्रयागराज 2 सितंबर,2019पहले स्वास्थ्य विभाग एनएचआरएम घोटाले के नाम से जाना जाता था आज वही स्वास्थ्य विभाग की टीम डेंगू मलेरिया इंसेफलाइटिस का खात्मा कर रहा है  मोदी के सपनों को साकार करने के लिए ढाई सालों में परिवर्तन के साथ उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की तस्वीर बदल गई है।यह उदगार उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री  सिद्धार्थ नाथ सिंह  ने आज संचारी रोग नियंत्रण का तीसरे पखवाड़े के शुभारंभ के अवसर पर व्यक्त किया। सूक्ष्म लधु व मध्यम उद्यम, निर्यात व निवेश, रेशम व वस्त्रोद्योग मंत्री  सिद्धार्थ नाथ सिंह  ने कहा कि संचारी रोग नियंत्रण सफाई रखने का जनजागरण और एंटी लार्वा छिड़काव के जरिए गांव गांव में अभियान चलाया जा रहा है। 2017 में जब स्वास्थ्य मंत्री बना था तो प्रदेश में गंभीर बीमारियों के कारण सरकार कटघरे में खड़ी थी ।जहां पहले जनवरी से अगस्त महीने तक में 600 से 800 बच्चे मरते थे वहीं 2019 में सिर्फ 34 बच्चे मरे हैं।मुझे पूर्ण विश्वास है कि अगले साल एक भी बच्चे नहीं मरेंगे।लेकिन इस कार्य मैं अकेला नहीं कर सकता था 11 विभागों के लोगों के साथ तालमेल कर पाना बहुत कठिन समस्या थी।लेकिन आपको बता दूं सिर्फ   मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ जी ने स्वयं बैठकर प्रदेश के जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एक बृहद कार्य योजना बनाई गई कि हर गंभीर बीमारी पर कैसे जीत सकते हैं ,आज उसी का परिणाम है कि 165 परसेंट बीमारी गिरकर अंकुश लग गया है।74000 स्वास्थ्य कर्मचारियों में से 34000 स्वास्थ्य कर्मियों को तथा 450 डॉक्टर सिर्फ रोग संचारी नियंत्रण के लिए प्रशिक्षित किया गया है।आरईएस जैसी बीमारी पर अंकुश पाने के लिए डेढ़ करोड़ लोगों का टीकाकरण किया गया। सिंह ने कहा जिस प्रकार से डब्ल्यूएचओ पल्स पोलियो को लेकर एक सम्मान प्रदेश में पहुंचाया था।उससे बड़ा संचारी रोग नियंत्रण आज डब्ल्यूएचओ भी प्रभावित है कि ढाई सालों में उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन हो गया है ।जहां पहले स्वास्थ्य विभाग को एनएचआरएम घोटाले के नाम से जाना जाता रहा है आज वही स्वास्थ्य विभाग  योगी जी के नेतृत्व में एक बेहतर सेवाओं के लिए जाना जा रहा है। इस मौके पर इलाहाबाद सांसद  रीता बहुगुणा जोशी ने कहा सीएचसी पीएचसी को वैलनेस सेंटर के रूप में कन्वर्ट करने कारण 80% बीमारी की कमी आई है।जहां पहले 250 से 300 रहा करता था आज वही स्वास्थ्य विभाग व सरकार की उपलब्धियों कारण 40% डेंगू जैसी बीमारी पर अंकुश हुआ है।गृहणी में जन जागरण फैलाने की आवश्यकता है सैनिटेशन सेंटर बनाए जा रहे हैं सरकार का लक्ष्य है कि पहले लोग बीमार ही न पड़े और इसके लिए एंटी लार्वा का छिड़काव गांव गांव में किया जा रहा है। बीमारी पर रोकथाम तभी संभव है जब समाज के हर व्यक्ति एकजुट होकर के स्वच्छता के अभियान को लेकर आगे बढ़े तभी बीमारी रुक सकती है। कैबिनेट मंत्री  नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ढ़ाई सालों में सीएचसी पीएचसी और जिला अस्पताल की तस्वीर बदल गया है अस्पतालों में डॉक्टर कैसे रहे और बीमारी का जड़ से खात्मा कैसे हो डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की सक्रियता से समाज को सीधा लाभ मिला है।सरकार की मंशा रही कि गांव गांव में किसी भी प्रकार की बीमारी न हो और अगर कोई बीमार हो तो सरलता के साथ इलाज हो। मोदी जी ने स्वच्छता और शौचालय को एक जन जागरण अभियान लेकर के आगे बढ़ने के कारण आज प्रदेश में एक बेहतर प्रदेश के रूप में आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर फूलपुर सांसद केसरी देवी पटेल ने विचार रखा तथा मेजर डॉ जीएस बाजपेई डॉ केपी द्विवेदी डॉ ओ पी भास्कर डॉ आर एस ठाकुर कैप्टन डॉ आशुतोष श्रीवास्तव डॉ आर के श्रीवास्तव डॉ तीर्थ राज पंकज पाण्डेय अरविंद गुप्ता मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विश्वकर्मा पवन श्रीवास्तव सुनील श्रीवास्तव डॉ ज्ञान सिंह मीडिया प्रभारी दिनेश तिवारी आदि मौजूद रहे।




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