ऑपरेशन के नाम पर मरीज से अपनी निजी क्लीनिक पर रिश्वत लेते मंडला मे सर्जन को लोकायुक्त जबलपुर ने रंगे हाथों दबोचा

हर्निया ऑपरेशन के लिए रिश्वत ले रहा था सिविल सर्जन

कलयुग की कलम(सोनू त्रिपाठी रिपोर्टर)

Kkkन्यूज जबलपुर :- मंडला जिला अस्पताल में सरकारी नौकरी करते हुए निजी क्लीनिक में ऑपरेशन के नाम पर मरीजों के परिजनों से मोटी रकम वसूलने वाले डॉक्टरों के लिए यह बुरी खबर है । लोगों कितने यह ऐसा ऐसे डॉक्टरों पर भी कुछ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है जो सास की चिकित्सक होते हुए भी सरकारी अस्पताल में इलाज करने के बजाय अपनी निजी क्लीनिक में मरीजों को भेजने को मजबूर करते हैं। तथा इलाज ऑपरेशन के नाम पर मरीजों से रुपयों की मांग करते हैं लोग एक टीम ने मंडला जिला अस्पताल के एक सिविल सर्जन को एक मरीज से हर्निया ऑपरेशन के बदले 10000 की रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद कार्यवाही करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है वहीं भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मंडला पहुंचकर रिश्वतखोर सर्जन को रंगे हाथों पकड़ने वाले लोकायुक्त जबलपुर के डीएसपी जेपी वर्मा ने प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया है कि मंडला जिले के बमोरी तहसील निवासी प्रमोद कुमार नारदी ना रेती ने शिकायत की थी कि उसके पिता सोनू लाल नरेटी के हर्निया ऑपरेशन के बदले में जिला अस्पताल के सर्जन डॉक्टर सुनील कुमार यादव ने तैयार की थी जिसके बाद लोकायुक्त टीम द्वारा सोमवार 17 सितंबर को 6000 रुपए की रिश्वत लेते हुए निजी क्लीनिक में रंगे हाथों दबोच लिया गया धारावाहिक डॉक्टर सुनील यादव की रोजगार कार्यालय के पीछे रानी अवंती बाई वार्ड मंडला में क्लीनिक के बाहर लोगों की भीड़ लगी रही हवाई कार्यवाही करने वाली टीम उप पुलिस अधीक्षक जेपी वर्मा, निरीक्षक श्रीमती मंजू किरण तिर्की, आररक्षक अतुल श्रीवास्तव, दिनेश दुबे, शरद पांडे, विजय बिष्ट एवं आरक्षक चालक राकेश विश्वकर्मा शामिल रहे। कारवाही उन सरकारीं रिश्र्वतखोर डांक्टरों के लिए सबक साबित हो सकती है जो सरकारी सेवा देने के बावजूद मरीजों के ऑपरेशन के बदले में रिश्र्वत लेते हैं । तथा उन्हें अपने निजी क्लीनिक में आने को मजबूर करती है।



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