श्रीजी के गूंजे जयकारे, सजे मंडल विधान जगमगाये जिनालय

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बिखरी सतरंगी छठा 

सुगंध दशमी पर आयोजित हुए विविध आयोजन

Kkkन्यूज रिपोर्टर स्लीमनाबाद :- पर्युषण पर्व पर दिगम्बर जैन समाज द्वारा सुगंध दशमी पर जिनालयों मैं कार्यक्रमो का आयोजन किया गया।उत्तम संयम धर्म पर पूजन किया गया और महिलाओं ने व्रत रखें।

स्लीमनाबाद पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर मे पूजन के साथ महिलाओं ने भगवान से स्वास्थ्य रहने अपने अंदर व्याप्त बुराइयों समाप्त करने की प्रार्थना की इसके बाद मंडल विधान आयोजित किये गए ।शाम को आरती के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ। आर्यिका दीप्ति माता जी के सानिध्य मैं अभिषेक ,पूजन व शांतिधारा हुई। इसके बाद धर्मसभा का आयोजन हुआ जिसमें आर्यिका जी ने संबोधित करते हुये कहा कि असंयम व्यक्ति के प्राण भी ले सकता है।संयम व्यक्ति के विकास व सुख शांति का कारण है।संयम का बंधन परतंत्रता के लिए नही है,स्वतंत्रता के लिए है। आर्यिका जी ने कहा कि जब प्राणी माँ के गर्भ मैं रहता है तो नो माह गर्भ के बंधन मैं रहता है।फिर 5 साल माँ व स्कूल मे शिक्षक शादी के बाद पत्नी और फिर संतान का बंधन स्वीकार करता है।लेकिन संयम का बंधन कभी स्वीकार नही करता है। आर्यिका दीप्ति माता जी ने उत्तम सत्य धर्म पर विस्तृत प्रकाष डालते हुए कहा कि तुम्हारी चतुराई हमारे और तुम्हारे बीच रह सकती है लेकिन कर्म के साथ किसी की चतुराई नहीं चलती। कर्म का दरबार सत्य का दरबार है। यहां जो जैसा बोया वैसा ही काटना पड़ता है। तिल-तुष मात्र न तो घटता है, न बढ़ता है और न ही बंधे कर्म में अपने अनुसार फेरबदल होता है। जिसमें संपूर्ण विश्व का वास है उसका नाम सत्य है। जिसमें विष का वास होता है उसका नाम असत्य है। सत्यम शिवम सुन्दरम जो सत्य है वही मोक्ष वही शुद्ध है।इसलिए ध्यान रखना जब भी तुम्हारे मन में चंचलता आए, विकार आए, विकृति आए आप तत्काल भक्तांबर जी के 15वें काव्य की आराधना अवश्य करें। इस दौरान निर्मल चन्द्र जैन,सतीश चंद्र जैन,संदीप जैन,संजय जैन,आकेश जैन,धन्नू जैन,प्रदीप जैन,नंदू जैन,डी के जैन,मयूर जैन,निशु जैन,पप्पू जैन,मयंक जैन, मनीष जैन,विकास जैन सहित सकल जैन समाज की उपस्थिति रही।



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