शहर में एक बार फिर झोलाछाप डॉक्टरों पर प्रशासन की मुहिम शुरू होने जा रही है। लगातार छप रहे समाचारों  को संज्ञान में  लेकर अधिकारियों ने अब बड़ी कार्यवाही करने का मन बना लिया है यदि अधिकारियों के निर्देशों  का सही से पालन होता है। तो निश्चित ही झोलाछाप डॉक्टरों का नामोनिशान मिट जाएगा।

पेश है संपादक महेंद्र सिंह की एक रिपोर्ट कलयुग की कलम पत्रिका न्यूज़ 

कटनी-  जिले की ढीमरखेड़ा तहसील में झोलाछाप बंगाली डॉक्टरों की बाढ़ आ गई है ।आकर्षण बोर्ड और कम कीमत पर सभी बीमारियों के इलाज के दावे के प्रलोभन में आकर लोग शारीरिक और आर्थिक रूप से बर्बाद हो रहे हैं। 

आरएसपी❌ आरएमपी✅ यानी रजिस्टर्ड मेडिकल प्रोडक्शन❌प्रेक्टिशनर✅ की डिग्री लिए यह झोलाछाप धड़ल्ले से  एलोपैथिक दवा और इंजेक्शन का उपयोग कर आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं लोग सस्ते इलाज के झांसे में आकर अपनी जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं गंभीर और गुप्त बीमारियों का इलाज करने का दावा करने वाले झोलाछाप डॉक्टर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ तो करते ही हैं साथ ही ठगी करने  से भी बाज नहीं आते हैं लोगों को गंभीर बीमारी का डर दिखाकर उनसे तब तक रुपया ऐंठते रहते हैं ।जब तक कि वे आर्थिक रूप से कमजोर नहीं हो जाते हैं झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज से कई लोगों की मौत के मामले भी सामने आ चुके हैं। और इस बात की जानकारी प्रशासन को भी है इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि झोलाछाप डॉक्टरों की शिकायत मिलने के बाद सभी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को झोलाछाप डॉक्टरों की सूची बनाने के आदेश दे दिए गए हैं। कलेक्टर के निर्देश पर जिला मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी सीएमएचओ ने गांव-गांव टीमें भेजकर बगैर किसी डिग्री के मरीजों का इलाज करने खुद को डॉक्टर कहाने-कहवाने वालो की  कुंडली बनवाई है इन्हें झोलाछाप कहा जाता है। अब इनके विरुद्ध कार्यवाही की तैयारी है ना सिर्फ तालाबंदी बल्कि सीधे एफ आई आर के भी निर्देश है जिले के चार ब्लॉक के मेडिकल ऑफिसर बीएमओ ने जो सूची सीएमएचओ को भेजी है उसमें 5 हजार  झोलाछाप के नाम हैं इस मैं अधिकतर के पास डिग्री नहीं है अगर है।तो आयुर्वेदिक होम्योपैथिक की लेकिन इलाज एलोपैथिक का कर रहे हैं मरीजों को इंजेक्शन लगा रहे हैं गोलियां दे रहे हैं इतना ही नहीं टांगे और छोटी सर्जरी तक की सूचना है। उल्लेखनीय है कि विभिन्न समाचार पत्रों एवं वेद न्यूज़ चैनलों में भी झोलाछाप डॉक्टरों को लेकर लगातार अभियान चलाया गया था विशेषकर कलयुग की कलम राष्ट्रीय मासिक समाचार पत्रिका एवं वेब न्यूज़ चैनल के रिपोर्टरों की टीम निरंतर अभियान चलाए हुए हैं बताना जरूरी है कि 2013 में भी झोला छापों के विरुद्ध कार्यवाही की तैयारी थी सूची बनो बनवाई गई थी जिसमें हजारों नाम थे लेकिन बाद में इन्हें अमान्य करते हुए नए सिरे से लिस्टिंग के निर्देश जारी हुए थे सूत्र यह भी बताते हैं की दोबारा शुरू होने वाली कार्यवाही में फिर कार्यवाही करने वाले अफसरों पर दबाव हो सकता है ।हालांकि इस बार सीएमएचओ के अफसर आश्रित है ।कि कोई  हस्तक्षेप नहीं होगा नर्सिंग होम एक्ट अंतर्गत कार्रवाई होगी।

कार्रवाई के लिए 5 सदस्य टीम गठित

 झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सीएमएचओ  के अधीनस्थ 3 सदस्य कमेटी गठित की है कटनी जिले में इस कमेटी ने बीते 4 साल में 2 से 3  की करवाई की जबकि झोलाछाप की संख्या 5000 से अधिक है। कमेटी में डीएसपी पुलिस मुख्यालय जिला प्रशासन से कलेक्टर के प्रतिनिधि सीएमएचओ में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी शामिल है।

ऐसे समझे झोलाछाप डॉक्टरों की परिभाषा

1-  बगैर डिग्री के दवाइयां दे रहे हैं फिर चाहे किसी भी पोथी।की अपराध हैं। झोलाछाप कहलाते हैं

2 -  आपके  पास एलोपैथिक की डिग्री है यानी  एमबीबीएस है ।और आयुर्वेदिक होम्योपैथिक की दवाइयां दे रहे हैं। यह भी झोलाछाप माना जाएगा दवा दे भी नहीं रहे लेकिन क्लीनिक मैं तो भी अपराध है ऐसा ही आयुर्वेदिक होम्योपैथिक यूनानी डॉक्टरों पर लागू होगा।

कलयुग की कलम पत्रिका न्यूज़ 

       एम एस पटेल 

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