बहोरीबंद व बहोरीबंद क्षेत्र  के ग्रामों में नवरात्रि के अवसर पर मंदिरों और माँ के पंडालों में अधिक संख्या में पहुंच रहे हैं श्रद्धालु

कलयुग की कलम पत्रिका न्यूज़ 

 बहोरीबंद क्षेत्र के  ग्राम तिगवा में प्राचीन कालीन मंदिर है, जहां पर मां शारदा व मां कंकाली देवी विराजमान है और यहां पर नवमी के दिन जवारे कलश निकाले जाते हैं और कुश्ती का आयोजन भी होता है हजारों की संख्या में लोग मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं,लोगों ने यह बताया कि यह मंदिर आल्हा ऊदल के द्वारा निर्मित किया गया था आज भी आल्हा ऊदल के द्वारा मंदिर के ऊपर रखी एक विशालकाय पत्थर छत की शोभा बढ़ा रही है, आल्हा उदल मैहर से पहले तिगवा में मां शारदा की मूर्ति विराजमान की थी और मंदिर का निर्माण उसी समय हुआ था। इसी प्रकार बहोरीबंद  क्षेत्र का केंद्र बिंदु  माता मरही मंदिर बहोरीबंद ग्राम में स्थित है यहां पर  देवी के नौ रूपों की मूर्ति विराजमान है यहां पर जो भी विश्वास के साथ आता है माता उसकी मुराद पूरी करती  है और बहोरीबंद की कुछ दूरी में खड़ारा देवी का  मंदिर स्थित है यहां पर भी मां का आशीर्वाद लेने दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं बहोरीबंद वा क्षेत्र में हर ग्राम में माता की मूर्ति विराजमान है। क्षेत्र नवरात्रि के अवसर पर  भक्ति भाव में विभोर है बहोरीबंद ग्राम में भी हर मोहल्ले में मां की मूर्ति विराजमान है और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है अंशिका गार्डन यहां की तारीफ बहुत है गार्डन में  नवरात्रि के अवसर पर 10 दिन तक कन्या भोज व भंडारे का आयोजन हो रहा है जिसमें हजारों लोग प्रतिदिन प्रसाद पा रहे हैंl,  

संवाददाता राजेश रजक बहोरीबंद की रिपोर्ट





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