कौन आएगा इस आग को बुझाने मंदिर मस्जिद अल्लाह राम सबका हो रहा बंटवारा

संप्रदायवाद की परंपरा को रोकने ढाल बनकर सामने आ खड़ा हो वह मर्दे मुजाहिद नजर आता नहीं हमको

मैं काफी समय से इन चीजों को लेकर परेशान हाल हु।

क्या किया जाए बड़ी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं दिन पे दिन संप्रदायवाद बढ़ता जा रहा है।

एक अजीब सा  खौफनाक माहौल दिखाई दे रहा है।

 चारों ओर गांधी की बातें चल रही हैं और गांधी के व्यक्तित्व से गांधी के रास्ते से हटकर माहौल क्रिएट किया जा रहा है।

उसके कातिल को श्रेष्ठ मानते हुए उसके विचारों को हम सब के ऊपर लादने की कोशिश हो रही है।

जिन त्योहारों में एकता प्रेम सद्भाव दिखता था अब उनसे डर दहशत और संप्रदाय वाद दिखाई देता है।

सरकार की नीतियां मनुष्य को जीवन प्रदान करने की नहीं बल्कि कागजात में उलझ कर आत्महत्या करने की बन रही है

जनता का ध्यान पूरी तरीके से विकास और आवश्यकता रोज़गार से हटाकर धार्मिक उन्माद की ओर कर दिया गया है।

अगर देश का हर एक नौजवान वापस अपने मुल्क की धरोहर सर्व धर्म सम्मान की ओर नहीं आता तो मुल्क के हालात बिगड़ते ही जाएंगे

हम सब को राजनीति से हटकर आपसी भाईचारे को बनाने और आपसी प्रेम और एकजुटता पर होना चाहिए हमेशा से सच्चाई पर चलने वाले थोड़े लोग बुराई पर चलने वाले सैलाब पर भारी पड़े हैं

लेखक

अब्दुल कादिर खान

मो.9753687489

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