जन शिक्षा केंद्र जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा जिला कटनी का मामला क्या इसे ही कहते हैं शिक्षा क्या यही है शिष्टाचार स्कूल के बच्चों की बगैर मांग सुने धक्के मार कर भगाते हैं बी ओ अधिकारी

जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के निकटतम ग्राम पिंडरई से पैदल मार्च करते पहुंचे स्कूली बच्चे नहीं सुनी गई उनकी समस्याएं और धक्के मार कर भगाते नजर आए बीईओ अधिकारी 

इन समस्याओं को लेकर पहुंचे थे स्कूली बच्चे

(1) स्कूल के बच्चे खुद लगाते हैं हाजिरी

(2) स्कूल की साफ सफाई और झाड़ू लगाने का कार्य बच्चों से ही करवाया जाता है 

(3) प्रार्थना के समय नहीं रहते शिक्षक मौजूद

मंगलवार दोपहर स्कूल टाइम पर पिंडरई ग्राम के हाई स्कूल के छात्र छात्राएं जनपद शिक्षा केंद्र गांव से तकरीबन 3 किलोमीटर  पैदल नारेबाजी करते हुए शिक्षकों की मांग के लिए जनपद शिक्षा केंद्र पहुचे 

  जहां छात्र छात्राओं ने आरोप लगाते हुए बताया की बीईओ कार्यालय पहुंचने के बाद बीईओ  ने धक्के मार  समस्या को ना सुनते हुए निकाला

सरकार बदल रही है।

 नीतियां नहीं बदल रही है। अधिकारियों कर्मचारियों का रवैया वही का वही रहा शिक्षा का स्तर निरंतर गिरता जा रहा है। शिक्षकों की व्यवस्था सरकार करने में विफल नजर आ रही है। और हमारा आने वाला कल  इस देश का भविष्य हमारे देश की तकात नो निहालों का जिवन दिन पे दिन अज्ञानता अशिक्षा की ओर जा रहे है।

 शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है।

 मतलब इस देश का आने वाला कल का विनाश सरकारों द्वारा किया जा रहा है हमारे वंशज के साथ खिलवाड़ जारी है सरकार की मंशा साफ नजर आ रही है।

 क्या सरकार यह चाहती है?

 शिक्षा का स्तर सुधारने की हर किस्म की के वादे खोखले नजर आ रहे हैं । शिक्षकों की आव्यवस्था इस देश के नौजवान और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ही तो है।

 क्या इसी देश से गौतम बुध अब्दुल कलाम और महात्मा गांधी जैसे महान पुरुष नहीं निकले ?

क्या देश में विद्वानों की आवश्यकता नहीं अगर यही व्यवस्था रही तो आने वाला कल बड़ा ही भयानक होगा

 बच्चों के साथ अभद्रता और बच्चों को धक्के मार कर बाहर निकालने की इस घटना ने उनके मनोबल पर भारी चोट पहुंचाई है।

 धक्के मार के निकाले गय छात्र शत्रुघ्न गिरी गोस्वामी विपिन पटेल जगन्नाथ पटेल नीलेश पटेल नितेश कुमार कक्षा दसवीं के छात्र हैं पूनम पटेल सारिका बर्मन रोशनी बर्मन साक्षी चक्रवर्ती कक्षा छठी से दसवीं तक शिक्षक नहीं है कक्षा दसवी में 49 और नवमी में 45 दर्ज संख्या हैं बगैर शिक्षकों के पढ़ाई प्रभावित हो रही है वहीं शिक्षक न होने के कारण हमें शिक्षकों के सारे काम करने पड़ते हैं।

 छात्राओं की बात सुनकर आसपास सैकड़ों लोगों की भीड़ लग गई की इतनी गंभीर समस्या होने के बाद भी विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे इस संबंध में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी आर एस बघेल से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि बच्चों को भगाया नहीं गया नारेबाजी करते हुए कार्यालय के अंदर पहुंचे थे जिन्हें बाहर जाकर समझाइश दी गई जुलाई माह में 5 अतिथि शिक्षक हाई स्कूल के लिए नियुक्त हुए थे पोर्टल  विसंगति के कारण अतिथि शिक्षक काम नहीं कर पा रहे हैं जिसकी जानकारी अधिकारियों को  दे दी गयी है स्कूल टाइम पर बच्चे कैसे कार्यालय आए इस संबंध में भी स्थानीय शिक्षकों से जानकारी ली जा रही

                      लेखक

अब्दुल कादिर खान कलयुग की कलम पत्रिका न्यूज़ 






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