देश की माटी 

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अपने देश की मांटी से जब  सौंधी खुश्बू आई  सुन मेरी बहना सुन मेरे भाई  मिलकर करें सफाई  हम सब मिलकर करें सफाई ।

 पहल हमी को करनी होगी  तभी तो होंगे काम  गली चौराहे साफ दिखेंगे  होगा शहर का नाम ।

 राह में चलते लोगों को भी  बात समझ में आई, भैया बात समझ में आई ।

अपने देश की माटी से - - - - - जहां स्वच्छता वहां पे सचमुच  ईश्वर रहता है  करें इबादत हम तो मजे से  दिल ये कहता है ।

शहर का कोना कोना चमके  ऐसी आस लगाई,  हमने ऐसी आस लगाई  अपने देश की माटी से - - - - - 

         गीतकार 

डॉ.मन्तोष भट्टाचार्य मदर टेरेसा नगर जबलपुर (म.प्र) संपर्क:-9630016451

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