पत्थर खदान में दो वक्त की रोटी के लिए काल के मुह में समाते मजदूर 

मृतक के परिजनों ने सुरक्षा के प्रबंध न होने का लगाया आरोप

कलयुग की कलम पत्रिका न्यूज़ 

चित्रकूट,  मामला है भरतकूप क्रेसर नगरी क्षेत्र का जहां असुरक्षा की वजह से दो वक्त की रोटी के लिए काम कर रहे मजदूर हमेशा मौत के घाट  उतरते चले जा रहे हैं और  जिम्मेदार अधिकारियों ने आज तक इस ओर ध्यान नहीं दिया है इससे स्पष्ट जाहिर होता है कि भाई बड़ा ना भैया सबसे बड़ा रुपैया कुछ इस अंदाज में विभाग  कार्य कर रहा है जिससे आज तक  इन मजदूरों की सुनने वाला कोई नहीं है और दो वक्त की रोटी के लिए मजदूर किसी ना किसी रूप में हमेशा  अपनी जिंदगी को भेंट करते चले आए हैं वहीं लोगों का कहना है कि मजदूर ब्लास्टिंग होल की जांच करने गया मजदूर खदान से नीचं गिर गया। जिसे अन्य मजदूरों ने आनन-फानन घायल दशा में जिला अस्पताल लाये। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि खदान में ब्लास्टिंग होल की जांच करते समय फिसल कर नीचे गिरा हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम को मर्चरी भेजा है।

खदान में काम करते समय मजदूर की मृत्यु की ये घटना भरतकूप के गोण्डा पहाड में शनिवार की दोपहर हुई। बताया गया कि रसिन गौशाला निवासी कमलेश (35) पुत्र संतोष पहाड स्थित खदान में मजदूरी करता था। सवेरे कमलेश खदान में ब्लास्टिंग का होल चेक कर रहा था। तभी फिसल कर करीब सौ फिट नीचे गिर गया। जिसस उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। जब अन्य मजदूरों ने गिरता देखा तो आनन-फानन नीचे आए और घटना की जानकारी खदान मालिक को दी। जिला अस्पताल मेें डाक्टरों ने मजदूर को मृत घोषित कर दिया। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि खदान में सुरक्षा के इंतजाम नहीं किये जाते। बगैर सुरक्षा मजदूरों को खतरे की जगहों में जांच को जाना पड़ता है। इधर चर्चा है कि खदान संचालक मामले को ट्रक दुर्घटना में दिखाने की फिराक में समझौते का दबाव बना रहा है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया है। मृतक के एक पुत्री व दो पुत्र है। पत्नी ममता का रो-रोकर बुरा हाल है।

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