“सूचना के अधिकार का दुरुपयोग “

“आरटीआई के खेल में लोक सूचना अधिकारी तथा आरटीआई आवेदन करने वाले मिलकर लाखों का चूना लगा रहे शासन को”

“सरकार को लूटने वाले अधिकारियों की तनख़्वाह से वसूली की जाये ये राथि “

म.प्रसरकार कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने बताया की सूचना के अधिकार क़ानून कॉंग्रेस की ही देन हैं जिसका उपयोग करके सरकारी कार्यों की पारदर्शिता की जॉंच की जा सकती हैं लेकिन कुछ लोगों ने जनता के हितैषी कानुन का ग़लत उपयोग करके सूचना के अधिकार की जानकारी प्राप्त करने की राथि में भी लाखों रूपयों का चूना म.प्र. सरकार को लगा रहे हैं।

सारा खेल सुचना अधिकारी एंव आरटीआई लगाने वाला आवेदन कर्ता खेलता हैं।सूचना के अधिकार में नियम हैं की मॉंगी गई जानकारी 30 दिनों के अंदर नहीं दी जाती हैं तो आवेदनकर्ताओं द्वारा राज्य सुचना आयोग में अपील की जाती हैं जिसमें ये नियम हैं की 30 दिन में अगर जानकारी नहीं दी जाती हैं तो इसके बाद समस्त दस्तावेज़ों की फ़ोटोकॉपी का खर्च शासन वहन करेगा तथा आवेदक को मुफ़्त में जानकारी प्रदान की जायेगी ।इसका ज़बरदस्त फ़ायदा उठाया जा रहा हैं ।सूचना अधिकारी एंव आवेदक मिलकर 30 दिन पेडिंग रखकर मुफ़्त में फ़ोटोकॉपी प्राप्त करना धंधा बन गया हैं।लगभग बीस हज़ार से पचास हज़ार रूपये तक के बिल सरकार के नाम पर फाड़े जा रहे हैं।यह सीधे सीधे जनता के पैसों पर डकैती हैं।

इस संदर्भ में सरकार से मॉंग की गई हैं की ऐसे सूचना अधिकारी एंव आरटीआई लगाने वाले व्यक्तियों की पहचान करना चाहिए जो की सरकार को लाखों रूपयों का चूना लगा रहे हैं।इसके साथ ही बिना वजह के 30 दिन में जानकारी जानबूझकर नहीं देने वाले अघिकारीयो की तनख़्वाह से आरटीआई की फ़ोटोकॉपी या अन्य खर्च वसूल किये जाना चाहिए।

ये खेल सारे म.प्र.में चल रहा हैं जिससे शासन को लाखों की हानि प्रतिदिन हो रही हैं।

राकेश सिंह यादव
प्रदेशसचिव
म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी
इन्दौर
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