भाजपा के 15 साल के शासन में डीएवीवी को करोड़ों का चूना लगाया हैं भाजपा समर्थित प्रोफ़ेसरों एंव भाजपा समर्थित बुजुर्ग छात्र नेताओं ने”

“देवी अहिल्या विश्वविघालय में खेल विकास के नाम पर 15 सालों में 31 करोड़ से ज़्यादा की राशि डीएवीवी के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी “ 

“15 सालों में खेल के बजट के नाम पर भ्रष्टाचार का खेल हुआ 15 साल में एक भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खेलों में जीत नही”

“नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन कांउसिल(नैक) को पत्र लिखकर डीएवीवी के भ्रष्टाचार एंव छात्रो के खिलाफ साज़िशों का ख़ुलासा किया”

🔻डीएवीवी की ग्रेड तय करने के लिए नैक सीधे छात्र-छात्राओ से अभिमत प्राप्त करे”🔻इसके बाद डीएवीवी में सुधार करके ग्रेड प्रदान करे”

“डीएवीवी के रिज़ल्ट में नम्बर बढाने का का आर्थिक भ्रष्टाचार बहुत बढ़े  पैमाने पर होता हैं”

“डीएवीवी के स्कूल ऑफ कॉमर्स के बेगुनाह छात्रो को मिर्ची कॉंड में सज़ा देने वाले प्रॉक्टोरियल बोर्ड को भंग किया जाये”

म.प्र. कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने नैक (NAAC) को पत्र लिखकर डीएवीवी में व्याप्त भ्रष्टाचार का ख़ुलासा करते हुए मॉंग की हैं की आगामी 24 नवम्बर को नैक के दौरे के पूर्व डीएवीवी के छात्र -छात्राओं से युनिवर्सिटी के संदर्भ में स्पष्ट राय लेने के बाद ही किसी भी तरह की ग्रेड डीएवीवी को प्रदान करे।इस हेतु नैक ई-मेल आई डी जारी करके सभी छात्र-छात्राओं से डीएवीवी के बारे में राय प्राप्त करने के बाद ही ग्रेड तय करें वरना नैक की ग्रेड का महत्व ही समाप्त हो जाएगा।इसके साथ ही यह भी निवेदन नैक से किया गया की स्थायी कुलपति की नियुक्ति के बाद ही रेंक प्रदान करें जिससे व्याप्त अनियमितता दूर हो सके।

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव के अनुसार डीएवीवी संकीर्ण मानसिकता के साथ कार्य करने वाले प्रोफ़ेसरों के लिए क्या ग्रेड प्राप्त करेगा नैक से...?

डीएवीवी में सालों से एक ही पद पर भाजपा समर्थित अनेक प्रोफ़ेसर तथा एचओडी एंव डीएवीवी का स्टॉप क़ब्ज़ा जमाये बैठा हैं।भ्रष्टाचार का स्वर्ग हैं डीएवीवी तथा छात्र -छात्राओं के लिए नर्क हैं डीएवीवी ।

एक-एक काम में भ्रष्टाचार हैं लेकिन मैनेजमेंट ऐसा हैं की सब को पता होने के बाद भी ख़बर बाहर नही आती हैं।कुछ पूर्णकालिक भाजपा के बुजुर्ग छात्र नेताओं ने डीएवीवी को दलाली का अड्डा बना रखा हैं।ये विडम्बना हैं की डीएवीवी के अनेक अधिकारी इनके सहभागी हैं।ऐसे बुजुर्ग नेताओं की वजह से नया छात्र नेतृत्व स्थापित नही हो सका हैं।जो छात्र सक्रिय रहते हैं उन्हें मिर्ची कॉंड जैसे फर्जी आरोपो में फँसाकर ब्लेकमेल करते हैं या प्रॉक्टोरियल बोर्ड से फर्जी आरोपो में सस्पेंड करा देते हैं।फ़र्ज़ी मिर्ची कॉंड में बेगुनाह छात्रों को फँसाने वाले एंव फर्जी आदेश बनाने वाले बोर्ड मेम्बर प्रो.आशुतोष मिश्रा,प्रो.अखिलेष सिंह,प्रो.वृन्दा टोकेकर,दीपक श्रीवास्तव,राजेश शर्मा,लक्ष्मण शिन्दे,गीता नीमा,एल के त्रिपाठी, कामाक्षी अग्निहोत्री को तत्काल इस बोर्ड से हटाया जाये जिससे छात्रो का भविष्य सुरक्षित रह सके।आर्थिक भ्रष्टाचार में डीएवीवी के ज़िम्मेदार अधिकारी एंव बुजुर्ग छात्र नेता बराबर के हिस्सेदार होते हैं।ये खेल सालों से चल रहा हैं।डीएवीवी की अनेक परीक्षाओं में सैकड़ों विधार्थियो को एक या दो नम्बर से परीक्षा के रिज़ल्ट में रोका जाता हैं मतलब उत्तीर्ण होने वाले मैजिक नम्बर से एक या दो नम्बर कम रहते हैं।पूर्व के सालों का रिकॉर्ड खंगाला जाये तो ये संख्या हज़ारों में हैं।इसके बाद खेल शुरू होता हैं नम्बर बढाने का जिसमें ये तथाकथित छात्र नेता एंव डीएवीवी के भ्रष्ट स्टॉफ एंव अधिकारी मिलकर एक विधार्थी से 10,000/- से 50,000/- तक एक या दो नम्बर बढाने का वसूल करते हैं।मौक़े की स्थिति तथा ज़रूरत के अनुसार पैसा वसूला जाता हैं।

ये बात इसलिए साबित होती हैं की पूर्व के 15 सालों का रिकॉर्ड देखे तो ये संख्या हज़ारों से भी ज़्यादा हैं जिनके एक या दो नम्बर कॉपी का पुन:मुल्यांकन (रिचेकिंग)में नम्बर बढ़ाये गये हैं।ये भी अपने आप में गंभीर जॉंच का विषय हैं की पैसों की बंदरबाँट के लिए साजिशपूर्ण तरीक़े से एक या दो नम्बर कम करके कॉपी जॉंचने वाला परिणाम अंकित करता हैं।

डीएवीवी नैक से ग्रेड लेने की तैयारी रंग रोहन करके कर रहा हैं लेकिन संकीर्ण मानसिकता से काम करने वाला डीएवीवी क्या ग्रेड हासिल करेगा।ये भी एक प्रश्नचिंह हैं डीएवीवी की अभी तक की कार्यशैली पर।डीएवीवी के अनेक लोगों ने नम्बर बढाने एंव पास कराने का उघोग खोल रखा हैं।छात्रो के हित में भ्रष्टाचार के इस चक्रव्यूह को तोड़ना बेहद ज़रूरी हैं।

डीएवीवी में खेलों के विकास के नाम पर भी बड़ा खेल पिछले 15 सालों में हुआ हैं।जिसमें डीएवीवी एंव भाजपा से संबंधित प्रोफ़ेसरों तथा डीएवीवी स्टॉफ एंव सप्लायरों ने जमकर भ्रष्टाचार किया हैं।31 करोड़ से ज़्यादा की राशि लूटी गई हैं |विस्तृत जॉंच होने पर ये राथि पचास करोड़ से भी ज़्यादा पहुँच सकती हैं।डीएवीवी में खेल गतिविधियों को लेकर ये आश्चर्यजनक तथ्य हैं की इतना अधिक बजट खर्च करने के बाद भी डीएवीवी की टीमों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानजनक लोकप्रिय खेलों में एक भी मेडल नहीं मिला हैं,अब अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की बात करना ही बेमानी हैं।भ्रष्टाचार का ये आलम हैं की खेल गतिविधियों के नाम पर घटिया खेल सामग्री,घटिया निर्माण करके करोड़ों की राशि सीधे ही हड़प की गयी हैं।इतनी राशि में को म.प्र. की आईपीएल की टीम बन जाती।देश के प्रमुख खेल  क्रिकेट,हॉकी,फुटबॉल,टेबलटेनिस,बॉस्केटबाल,बैडमिंटन में एक भी उपलब्धि नहीं हैं डीएवीवी की टीम की।इसमें सारा दोष डीएवीवी के भ्रष्टाचार का हैं खेलों के कोच सालों से ऐसे बने हैं जिन्हें एक किलोमीटर  रनिंग का बोल दिया जाये तो बेहोश होकर गिर पड़े ।जब कोच के ये हाल हैं तो खेल का विकास कैसा होगा आप अंदाज लगा सकते हैं।खेल का सारा बजट भ्रष्टाचार की भेंट ही चढ़ता हैं।एक साल में मात्र दस लाख ही खर्च करके सारा बजट ठिकाने लगा दिया जाता हैं।

डीएवीवी में ये एक उदाहरण हैं ऐसे अनेक उदाहरण हैं जिसमें। करोड़ों का भ्रष्टाचार किया गया हैं।इससे डीएवीवी प्रशासन की व्यवस्था सी ग्रेड की सिद्ध होती हैं।यह भी सिद्ध होता हैं की डीएवीवी शिक्षा का मंदिर न होकर हाट बाज़ार हैं जहॉं हर काम के लिए भ्रष्टाचार का रेट तय हैं।यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं की अपनी आंतरिक व्यवस्था को सुधारने के बजाय रंग रोगन करके नैक से ग्रेड हॉंसिल करके छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करेगे ।

उपरोक्त दोनों मामलों को लेकर नैक को पत्र लिखकर जानकारी दी गयी हैं जिससे की डीएवीवी नैक को धोखे में रखकर वह ग्रेड प्राप्त न कर सके जिसका वो हक़दार नहीं हैं।इसके साथ ही महामहिम राज्यपाल महोदय को भी समस्त जानकारी दी गई हैं।माननीय मुख्यमंत्री कमलनाथ जी को समस्त दस्तावेज़ों के साथ डीएवीवी के भ्रष्टाचार एंव छात्रो के शोषण की शिकायत की हैं।इसके साथ ही इन सभी भ्रष्टाचार के मामलों की जॉंच के लिए आर्थिक अपराध ब्यूरो में भी शिकायत दर्ज की जा रही हैं।

संलग्न:- भ्रष्टाचार के प्रमाण

राकेश सिंह यादव
प्रदेशसचिव
म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी
भोपाल



















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