राज्य सरकार एक बार फिर कांग्रेस के विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए वचनों को पूरा करने के लिए जुट गई है। संभवत: 

अगले साल के शुरूआत में होने वाले नगरीय निकाय एवं त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के पहले सरकार ऐसे वचनों को पूरा कर देगी, जिन पर किसी तरह का वित्तीय भार नहीं आना है। जबकि वित्तीय भार वाले वचन अभी लंबित रखें जाएंगे। जिसकी वजह वित्त विभाग की मंजूरी नहीं मिलना बताया जा रहा है। 

प्रदेश में निकाय एवं पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने जमावट शुरू कर दी है। इस बीच कांग्रेस संगठन ने भी विधानसभा चुनाव के दौरान जनता को जो वचन दिए थे, उनको खंगालना शुरू कर दिया है। जिससे चुनाव के दौरान जनता के बीच वचन को  भुनाया जा सके। सरकार की कोशिश है कि जिन विभागों ने अभी तक वचन पूरा करने पर काम चल रहा है, उनमें से बिना वित्तीय खर्च वाले वचनों को जल्द से पूरा कर लिया जाए। जिसका फायदा कांग्रेस पार्टी चुनाव में लेना चाहती। प्रदेश कांग्रेस के अनुसार सरकार ने जो अच्छा काम किया है, उसे जनता के बीच जाकर बताया जाएगा।

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