शासकीय खेल मैदान में अवैध कब्जा, अधिकारियों की मौन स्वीकृति

कलयुग की कलम/योगेश योगी/सतना

नागौद: सेमरवारा के इस मैदान को अवैध कब्जे से छुड़ाने के लिए जिस तरह गाँव के ही समाजसेवी एवं शिक्षक रामभजन लोधी ने तन-मन-धन के साथ ही सारे गाँव से विरोध लेकर मैदान को कब्जे से मुक्त करवाकर स्कूल को सौंपा। आज वही मैदान फिर से अवैध कब्जे और मनमाने निर्माण से लुप्त होने की कगार पर है। सरकार जँहा खेलों को बढ़ावा देने के लिए लाखों करोड़ों रुपये खर्च कर रही है वहीँ अधिकारी शासन की नीतियों को जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर मिट्टी पलीत करने में तुले हुए हैं। आमतौर पर देखा जाता है कि चाहते हुए भी गाँवों की प्रतिभाओं को निखार देने के लिए सरकार उन्हें मैदान उपलब्ध नहीं करवा पाती लेकिन जँहा पर शासकीय जमीन अगर उपलब्ध भी है तो जनप्रतिनिधि उसे चन्द पैसों की लालच में बेंच खाने को आमदा है। आज पैसों ने इंसान की नीयत को इस कदर भृष्ट कर दिया है कि बच्चों के सुनहरे भविष्य के साथ खिलवाड़ कर मैदानों पर कब्जे प्रशासन की नाक के नीचे किए जा रहे हैं। कुछ ऐसा ही नजारा समीपस्थ ग्राम सेमरवारा में देखने को मिला जँहा शासकीय हायर सेकंडरी को आवंटित मैदान में दिन प्रतिदिन अवैध कब्जे किये जा रहे हैं और वो दिन दूर नहीं जब शिक्षा विभाग की उदासीनता और आला अधिकारियों की मिली भगत आसपास के  गांवों में प्रसिद्ध इस मैदान को लील लेगी। अवंती स्पोर्ट क्लब के अध्यक्ष एवं संस्थापक योगेश योगी किसान ने मामले की जानकारी आला अधिकारियों को उपलब्ध करवाई लेकिन भृष्ट अधिकारियों के कानों में जूँ तक नहीं रेंगती, किसान ने कहा कि अगर खेल मैदान पर अवैध कब्जे नहीं रुके और उसे पुनः समतल नहीं करवाया गया तो इस मामले को लेकर उनकी समिति खेल मंत्री से मुलाकात करेगी और भृष्ट अधिकारियों जनप्रतिनिधियों के बारे में अवगत करवाएगी एवं दोषियों पर कड़ी कार्यवाही एवं निष्पक्ष जाँच की माँग करेगी।

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