सट्टा का गढ़ बना मनेन्द्रगढ़, सट्टोरिया मस्त पुलिस पस्त

 कोरिया (छत्तीसगढ़) मनेन्द्रगढ़ में कभी चोरी-छिपे चलने वाला सट्टा बाजार आजकल कानून की ढीली पकड़ की वजह से खाईवाल के संरक्षण में खुलेआम संचालित हो रहा है। ओपन और क्लोज के नाम से चर्चित इस खेल में जिस प्रकार सब कुछ ओपन हो रहा है उससे यही प्रतीत होता है कि प्रमुख खाईवाल को कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है।

मनेंद्रगढ़ थाना क्षेत्र में इस खेल के बढ़ते कारोबार का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि महिलाएं एवं बच्चे भी दिन-रात अंकों के जाल में उलझे रहते हैं। प्रमुख खाईवाल के एजेंट जो पट्‌टी काटते हैं प्राय: हर गली-मोहल्ले में आसानी से पट्टी काटते नजर आते हैं। इनमें से कुछ आदतन किस्म के लोग मनेंद्रगढ़ में नई सब्जी मंडी, रेलवे स्टेशन, कोरी मोहल्ला, करन नर्सिंग होम के पीछे, फव्वारा चौक, अमाखेरवा,सिविल लाइन के बड़ी साई मंदिर के गाली में,झगराखाण्ड रोड छोटी साई मंदिर, FCI गोदाम, बस स्टैंड - काली मंदिर, पेंड्रा दफ़ाई, नदीपार , गोपाल सीतगृह के पीछे, लोको दफ़ाई,चौघड़ा आदि स्थानों में खुलेआम पट्टी काटकर एवं मोबाइल के माध्यम से भी इस अवैध कारोबार को संचालित कर लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं जिसकी जानकारी शायद पुलिस को छोड़कर सभी को है। सट्टïे के हिसाब-किताब की जगह बार-बार बदल कर प्रमुख खाईवाल अपनी होशियारी का भी परिचय देने की कोशिश करते हैं।

*युवा पीढ़ी बर्बादी की ओर*

 एक रुपए को अस्सी रुपया बनाने के चक्कर में खासकर युवा वर्ग अधिक बर्बाद हो रहे हैं। सट्टे के इस खेल को बढ़ावा देने सटोरी ग्राहकों को मुफ्त में स्कीम देखने सट्टे नंबर वाले चार्ट उपलब्ध करा रहे हैं। इसका गुणा भाग कर ग्राहक सट्टे की चपेट में बुरी तरह से फंस कर पैसा इस अवैध कारोबार में गंवा रहा है सट्टा माफिया युवा पीढ़ी को बर्बाद कर खुद मालामाल हो रहे हैं लेकिन स्थानीय पुलिस अनजान बनी बैठी है। बहरहाल सट्टा माफिया धीरे-धीरे युवा पीढ़ी को बर्बादी की ओर ले जा रहे हैं। अगर जल्द ही इस गोरखधंधे पर लगाम नहीं लगाई गई तो धीरे-धीरे सट्टा माफिया युवा पीढ़ी के भविष्य का विनाश कर देंगे।

संजीव गुप्ता
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