योजनाएं बने देश को राहत देने के लिए और देश की आम जनता को मूलभूत सुविधाएं और सुरक्षा के लिए

 यह खाली डराने के लिए योजनाएं बनाते हैं।

 और कुछ नहीं देश में कोई भी विकास नहीं होगा देश में खाली कागजात बढ़ेंगे जबकि कागजात कम होना चाहिए लोग फ्लॉप योजनाओं के लिए परेशान होंगे अपना जीवन और अस्तित्व बचाने के लिए घरों में जान देंगे और पुराने से पुराने दस्तावेज जुटाने में अपना समय बर्बाद करेंगे और आने वाले चुनाव के समय कुछ लोगों को बाहर कर दिया जायेगा जिस जगह पर इनकी राजनीति नहीं चलेगी वहां पर डराआएंगे धमकायेंगे और चुनाव को प्रभावित करेंगे यह काम सभी राजनीतिक दल कर रहे हैं अगर कुछ कट्टरपंथी देशद्रोही यह समझते हैं। कि मुसलमान NRCसे डरेंगे या मुसलमानों को डराने भगाने के लिए यह योजना बनी है। तो भूल में ना रहे मुसलमान हिंदुस्तान की धरती पर  दफन हो जाएगा लेकिन डरेगा नहीं क्योंकि वह हिंदुस्तान से प्रेम करता है और देश के लिए वफादार भी है। फिर चाहे शासकों के हाथों मरे या अपनी मौत घबराहट उसे हो जिसे  अपने मुल्क हिंदुस्तान से मोहब्बत ना हो  धरती पर एक भी व्यक्ति नाहक मारा गया वह चाहे किसी भी धर्म संप्रदाय का हो तो ईश्वर इन्हें कभी माफ नहीं करेगा हम यह इशारे में कह रहे हैं   क्योंकि कुछ कट्टरपंथी लोग सोचते हैं कि धरती में रहने और जीने का अधिकार सिर्फ इन्हीं को है।इसीलिए तो वह भरे मंच से कहते हैं कि हम मुसलमानों को बाहर निकालेंगे जैसे सृष्टि उनके बाप ने रची है। जो इस धरती में खुद बाकी नहीं रहे इन्होंने तो इंसानों के हकों का लगातार दोहन बढ़ा है । सरकारों ने लोगों का हक मारा है। इन्होंने तो गरीबों की रोटी छीनी है । इन्होंने तो बैंकों में जमा व्यक्तियों की राशि के साथ खिलवाड़ किया है विश्वासघात किया है। इसके बाद भी लोग नीतियों का गुणगान कर रहे हैं। क्योंकि वह उनके पैरोकार हैं जिन्हें अपने पेट की चिंता है देश की स्थिति और देश के विकास से इनका कोई नाता नहीं है। सबसे ज्यादा भरोसा लोगों को बैंकों पर था और आज सबसे ज्यादा डर बैंकों से है । क्योंकि बैंकों में डकैत डकैती करते थे और अब सरकारें और उद्योगपति डकैती करती है। असुरक्षित वातावरण देश में पैदा करने में अहम भूमिका वर्तमान सरकारों की रही है। देश में आज तक जो नहीं हुआ है वह सब हुआ है । और उसे लोग विकास बता कर दिखा रहे हैं । यह सबसे बड़ी विडंबना है। देश के अंदर असामाजिक तत्वों के संगठनों को तैयार होने दिया गया है।

 उन्हें पहले से खत्म करने का काम नहीं किया रोक लगाने का काम पिछली सरकार कांग्रेस की जो रही है उन्होंने नहीं किया है। इस वजह से आज देश के अंदर यह तांडव हो रहा है । अगर लगातार उस पर रोक लगाई जाती तो मुझे लगता है देश के हालात यह नहीं होते जो देखने मील मिल रहे हैं आओ  हम सब मिलकर कुछ नया करें देश और समाज को नया आयाम दें देश के भविष्य का निर्माण करने में हम सब अपने भूमिकाएं निभाए आओ कलम उठाएं

        लेखक-: अब्दुल कादिर खान कलयुग की कलम  मोबाइल 9753687489

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