ट्रिपल ड्रग लागू करने में यूपी ने बाजी मारी 

KKK न्यूज़ ब्यूरो रिपोर्ट
         प्रयागराज
       विकास कुमार

फाइलेरिया अभियान शुरू 

राज्य मंत्री की अपील, 10 लोगों को दवा खाने के लिए प्रेरित करें 

जिले में 62 लाख लोगों को दवा खिलाने के लिए पांच हज़ार टीम तैनात

प्रदेश के 19 जनपदों में फाइलेरिया अभियान का हुआ आगाज

प्रयागराज, 25 नवंबर 2019

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए ट्रिपल ड्रग लागू करने में उत्तर प्रदेश ने बाजी मार ली है। अब कुछ ही समय बाद हमारा प्रदेश फाइलेरिया मुक्त होगा। यह कहना है राज्य मंत्री चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण अतुल गर्ग का। मंत्री ने आज जनपद के सेंट जोसेफ़ स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बच्चों को फाइलेरिया की दवा खिलाकर अभियान की शुरुआत की।
राज्य मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। पोलियो, चेचक, प्लेग और हैजा को पूरी तरह से खत्म करने के लिए हमने जो प्रण लिया उसमें हम पूरी तरह सफल रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश के 19 जनपदों में फाइलेरिया अभियान की शुरुआत की जा रही है। इन जिलों में स्वास्थ्य टीम 5 करोड़ 66 लाख की आबादी को घर-घर जाकर फाइलेरिया की दवा खिलाएगी। इन 19 में से 11 जिलों में ट्रिपल ड्रग दिया जाएगा जबकि शेष 8 जनपदों में डबल ड्रग खिलाई जाएगी। उन्होने अपील की है कि हर व्यक्ति 10 से 15 लोगों को फाइलेरिया की दवा खाने के लिए प्रेरित करे।
सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होने कहा कि फाइलेरिया विकलांगता के कारणों में से एक है जबकि इससे आसानी से बचा जा सकता है। उन्होने कहा कि इस तरह के अभियान एक-एक कदम के समान हैं। एक-एक कदम चलकर ही हम मंजिल तक पहुंच सकते हैं और फाइलेरिया बीमारी पर पूरी तरह काबू पा सकते हैं।
महापौर अभिलाषा गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि फाइलेरिया अभियान को गंभीरता से समझें और अपने आसपास के लोगों को फाइलेरिया की बीमारी के प्रति जागरूक करें। साथ ही इस बात के लिए प्रेरित करें कि वह फाइलेरिया दवा खा लें।
अपर निदेशक ए.के. पालीवाल ने बच्चों से अपील की है कि वह फाइलेरिया की दवा अवश्य खाएं। इसमें अल्बेण्डाजाल वनिला फ्लेवर में है जो बहुत ही स्वादिष्ट है। उन्होने बताया कि जिसके शरीर में माइक्रोफाइलेरिया के परजीवी ज्यादा हैं उन्हें दवा खाने के बाद उल्टी, खुजली या जलन आदि की समस्या हो सकती है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। बल्कि यह शरीर में फाइलेरिया होने के लक्षण हैं। 
सीएमओ डॉ. (मेजर) जीएस बाजपेई ने बताया कि फाइलेरिया अभियान के दौरान प्रयागराज जिले में 62 लाख 34 हज़ार 740 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया हैं। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए 4988 टीम और 43 त्वरित टीम लगायी गयी हैं। उन्होने बताया कि अभियान की शत प्रतिशत सफलता के लिए हमने बड़ी टीम तैयार की है ताकि टीम लोगों को सिर्फ दवा बांटकर न आए बल्कि अपने सामने दवा खिला कर आए। उदघाटन समारोह के दौरान फाइलेरिया उन्मूलन हेतु लोगों शपथ भी ली। साथ ही कार्यक्रम में मौजूद बच्चियों में शीजा, परी, जय भावना, शीतल, प्रकृति, आफ़रीन, सावनी, अर्चना और राजलक्ष्मी को फाइलेरिया की दवा खिलाई गई। इसके अलावा यहां मौजूद अन्य लोगों ने भी फाइलेरिया की दवा खाई।
इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. विमल कान्त, डबल्यूएचओ के राज्य समन्यवक डॉ. बीपी दत्ता समेत बीएमजीएफ़ की सहयोगी संस्था पीसीआई, सीफार, पाथ और जीएचएस के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

फाइलेरिया के खिलाफ यूपी की रणनीति 
उत्तर प्रदेश के 19 जनपदों को दो हिस्सों यानि ट्रिपल ड्रग और डबल ड्रग में बांटा गया है। ट्रिपल ड्रग के अंतर्गत 11 जिले कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, सीतापुर, प्रयागराज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, चंदौली, फतेहपुर और हरदोई हैं। वहीं डबल ड्रग के अंतर्गत 8 जनपद कौशांबी, रायबरेली, सुलतानपुर, औरैया, इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज और गाजीपुर हैं। सभी 19 जिलों में 5 करोड़ 66 लाख की आबादी को फाइलेरिया की दवा खिलाई जाएगी।


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