गंगा किनारे  रह रहे लोगों एवं पंडों को विस्थापित करने पर आपत्ति जताई

KKK न्यूज़ रिपोर्टर
          नैनी
      सुभाष चंद्र

प्रयागराज में नजूल की भूमि में रह रहे सागर पेसा वासी औरगंगा के किनारे रह रहे लोगो को विस्थापित करने से नाराज लोगो के विषय मे आज एक पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक एवं उत्तराखंड प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह ने कहा केंद्र एवं प्रदेश की सरकार सिविल लाइंस मेयोर रोड तथा गंगा किनारे बैठने वाले पंडो आदि को सेना द्वारा विस्थापित करने को क्रूरता भरा कदम बताया।उन्होंने कहा कि संविधान से सरकारे बनती है और इसी में ही लोगो को जीने का अधिकार भी दिया गया है जीने के अधिकार में रहने एवं जीवकोपार्जन का भी बिधान है।समय समय पर माननीय हाइ कोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट ने गरीबो के जीने के लिए मौलिक अधिकार को संरक्षण भी प्रदान किया है।जो   संविधान के अनुच्छेद 141के अनुसार कानूनी प्रभाव रखता है जबतक संसद या विधानसभा उसे निरस्त या परिवर्तित न करदे।  इस विषय को मेरे द्वारा बिधान सभा मे उठाया गया था।जिस पर सरकार ने सर्वे कराकर पुनर्वासित करने का अस्वासन दिया था जो उत्तर प्रदेश विधान सभा की सरकारी अस्वासन समिति के समछ अस्वासन संख्या8/2011आज भी लंबित है अपूर्व सर्वे1049परिवारों की सूची केवल सिविल लाइंस में विकाश प्रधिकरण, नगरनिगम व जिला प्रशासन द्वारा बनाई है।उक्त वार्ता में पूर्व सभासद शिवसेवक सिंह के अलावा कमलेश सिंह तथा कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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