मुबारक हो तेलंगाना सरकार के साथ भारत सरकार को भी. एक और लड़की जो डॉक्टर थी और अपने क्लिनिक से किसी पेसेंट को देख कर लौट रही थी. रास्ते में उसकी स्कूटर पंक्चर हो जाती है. वो अपनी बहन को कॉल करके बताती है कि स्कूटर सही नहीं हो रहा. छोड़ कर भी नहीं आ सकती क्योंकि कोई चुरा ले जाएगा. ऊपर से अग़ल-बग़ल से गुजर रहे एक-दो गाड़ी वाले अजीब नज़रों से घूर रहें मुझे डर लग रहा. ये बातें साढ़े नौ बजे रात, बुधवार को हो रही होती. फिर वो अपनी बहन को बताती है, दो अजनबी उसको हेल्प के लिए पूछ रहें तो वो उन पर भरोसा करके हाँ कर देती है. उसके बाद से उसका फ़ोन स्विच ऑफ़ आने लगता है. घर वाले रात को एक बजे मिसिंग का काम्प्लेन दर्ज करवाते हैं और अगली सुबह उन्हें अपनी बेटी की जली हुई लाश सड़क के किनारे पड़ी मिलती है. तो है हमारा प्यारा और महान भारत. जहाँ साँझ ढले बेटियों के बलात्कार और ज़िंदा जलाने जैसे सुकर्म होते हैं. क़ानून-व्यवस्था का क्या ही कहना. बलात्कारी पकड़ाने के बाद भी सबूत के अभाव में छूट जाते हैं. और ज़्यादातर तो पकड़े नहीं जाते. और हम सोशल मीडिया पर हैशटैग के साथ पोस्ट लिख कर भुल जाते हैं या अगली बलात्कार की घटना का इंतज़ार करते हैं.  मैं बहुत दुखी हूँ इस केस के भी बारे में. यहाँ भी कुछ नहीं होने वाला. किसी को सजा नहीं मिलने वाली. मैं अपनी फ़्रस्ट्रेशन कम करने के लिए लिख रहा हूँ क्योंकि इससे ज़्यादा मैं कुछ कर भी नहीं सकता. आख़िर बलत्कारियों की ये फ़ौज भी तो हम ही तैयार करके दे रहें हैं न. वो कैसे इस पर डिटेल में कई बार लिख चुका हूँ. अब नहीं लिखूंगा बस वो माएँ, पत्नियाँ थोड़ा तो आज शर्म कर लें जो अपने आँचल के साये में कभी पुत्र-मोह तो कभी पति-मोह में आ कर इनकी हिफ़ाज़त कर रहीं. वैसेजान लीजिए जिस दिन आप भी इन दरिन्दों के हाथ आ जाएँगी किसी के ये आपके साथ भी जाएगा.  सॉरी डॉक्टर! तुम एक बेहतर दुनिया, एक बेहतर देश डिजर्व करती हो! हमे आप के सामने सर्मिन्दा है।

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