महिला आयोग सदस्य ने सुनी पीड़ित महिलाओं की समस्याएं

KKK न्यूज़ ब्यूरो रिपोर्ट
        प्रयागराज
    विकास कुमार

उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य ने सुनी पीड़ित महिलाओं की समस्यायें
थानों के प्रभारी अधिकारियों को महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनते हुए शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करने के दिए निर्देंश
महिला जनसुनवाई में लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक मामलों की हुई सुनवाई
पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए राज्य महिला आयोग कटिबद्ध - सदस्य, उ.प्र. राज्य महिला आयोग
 04 दिसम्बर, 2019 प्रयागराज।
मा. सदस्य, उ.प्र. राज्य महिला आयोग अनामिका चैधरी ने सर्किट हाऊस में पीड़ित महिलाओं की समस्यायें सुनी। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं की शिकायतो को पूरी गम्भीरता से लिया जाय, इसमें किसी प्रकार की शिथिलता बिल्कुल भी बर्दाश्त नही की जायेगी। उन्होंने कहा कि महिला जन सुनवाई में आने वाले शिकायती प्रकरणों के निस्तारण की मानिटरिंग सुनवाई के बाद नियमित रूप से आयोग के स्तर पर की जाती है इसलिए प्रकरणों को बेवजह लम्बित करने तथा पीडित महिलाओ को न्याय दिलाने में किसी प्रकार का विलम्ब कतई क्षम्य नही होगा।
मा. सदस्य, उ.प्र. राज्य महिला आयोग ने जनसुनवाई में आयी हुई नूरउल्ला रोड प्रयागराज की निवासी मन्तशा पुत्री मो0 इस्राइल ने दहेज उत्पीड़न के सम्बन्ध में शिकायत की।  सदस्य ने शिकायत को गम्भीरता के साथ सुनते हुए सम्बन्धित थानें के अधिकारियों से इस मामले में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये।  रंजना केशरवानी पत्नी स्व0 उमेश चन्द्र केशरवानी निवासी लाल बिहारा, बम्रौली प्रयागराज ने शिकायत की कि उन्हें जबरदस्ती मकान खाली करने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सम्बन्धित थानें में शिकायत करने के बावजूद भी अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गयी है, जिसपर महिला आयोग की  सदस्य ने सम्बन्धित थाने के अधिकारियों को मामले को गम्भीरता से लेते हुए तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मंसूब जहेरा पुत्री मसूद अब्बास निवासी मुट्ठीगंज, गऊघाट, पुलिस चैकी ने शिकायत की कि उनके ससुराल वालों के द्वारा लगातार उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ मारपीट भी की जा रही है, जिसपर महिला आयोग की सदस्य ने सम्बन्धित थानों के अधिकारियों से इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। इसी प्रकार  शिल्पी पत्नी रमेश गुप्ता निवासी फाफामऊ ने भी महिला आयोग की सदस्य के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उन्हें ससुराल वालों के द्वारा लगातार दहेज के लिए परेशान किया जा रहा है। विनीता केसरवानी पत्नी पवन कुमार केसरवानी ने भी दहेज के लिए प्रताड़ित करने की शिकायत की, जिस सदस्य ने दहेज के लिए प्रताड़ित करने की शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए सम्बन्धित थानों के अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि थानों में जब कोई महिला इस प्रकार के मामले लेकर जाती है तो सम्बन्धित थानों के लोगो का यह प्रयास होना चाहिए वे दोनों पक्षों में सुलह-समझौता कराकर मामले का समाधान करने का प्रयास करें। जय देवी पत्नी श्याम बिहारी निवासी सोरांव ने शिकायत की उन्होंने कुछ समय पूर्व एक जमीन खरीदी थी। पीड़िता ने बताया कि जमीन जिससे खरीदी थी, उसके भाई द्वारा उन्हें लगातार जमीन खाली करने के दबाव डाला जा रहा है और लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसपर महिला आयोग की सदस्य ने सम्बन्धित थानें के अधिकारियों से स्थलीय निरीक्षण कर मामले को गम्भीरता के साथ निस्तारित करने के निर्देश दिये। 
सदस्य, महिला आयोग ने कहा कि महिलायें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है। महिला आयोग का गठन पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए ही हुआ है। यदि किसी महिला को न्याय मिलने में कोई परेशानी आ रही है तो वे अपनी समस्या को लेकर महिला जनसुनवाई में जरूर आये। जनसुनवाई में पीड़ित महिलाओं की पूरी सहायता की जायेगी।  सदस्य ने जनसुनवाई में आयी हुई शिकायतों के प्रगति की रिपोर्ट हमें 15 दिन के अंदर अवगत करायें साथ ही राज्य महिला आयोग से जो भी पत्र आपके थानों में आते हैं, उसका जवाब लेकर ही जनसुनवाई में आये। इस तरह महिला जनसुनवाई में लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक मामले सुनवाई के लिए आये, जिनमें से छ मामलों का मौके पर निस्तारण सुनिश्चित किया गया। मा. सदस्य ने सम्बन्धित थाने के प्रभारी को निर्देशित किया कि दर्ज की गयी शिकायत की जांच करते हुए निस्तारण से अवगत करायें।
मा. सदस्य ने पूर्व की जनसुनवाई के प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति देखी। उन्होंने उपस्थित थानो के प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनें। उन्होंने कहा कि अगर कोई पीडित महिला थाने में अपनी शिकायत लेकर आती है म तो उसकी समस्या को गम्भीरता से सुने तथा उस पर त्वरित कार्यवाही भी करें। उन्होंने कहा कि महिलाओ की समस्याओं को त्वरित निस्तारण कराने के लिए उ.प्र. राज्य महिला आयोग पूरी तरह से कटिबद्ध है।


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