रेलवे के खिलाफ अनशन में बैठे किसानों की हुई तबीयत खराब

रीवा/गोविंदगढ़,रेलवे द्वारा अधिग्रहित की गई भूमि के बदले  नौकरी की मांग को लेकर रेलवे बोर्ड के खिलाफ ग्राम बांसा में युवा एकता परिषद किसान इकाई द्वारा किए जा रहे अनिश्चितकालीन अनशन में बैठे वरिष्ठ समाजसेवी सुग्रीव सिंह, राजेंद्र गुप्ता मुन्ना,अनिल यादव के साथ बैठे सैकड़ों किसानों में से जब सुग्रीव सिंह जी एवं  राजेंद्र गुप्ता का अचानक स्वास्थ्य खराब होने लगा तो बांसा एवं मड़वा में हड़कंप मच गया।स्वास्थ्य खराब होते ही 108 को कॉल कर बुलाया गया 108 में उपलब्ध डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती होने का सुझाव दिया है लेकिन अनशन में बैठे दोनों किसानों ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया इसकी सूचना स्थानीय गोविंदगढ़ के बीएमओ को दी गई जानकारी मिलते ही बीएमओ डॉक्टर सुधाकर पांडे तुरंत अनशन स्थल पहुंचकर किसानों की जांच कर भर्ती होने की समझाइश दी तथा किसानों को ले जाकर अस्पताल में भर्ती करवाया,बताई गई जानकारी के अनुसार अभी दोनों किसानों के स्वास्थ्य में ज्यादा सुधार नहीं है।वही सरकार की इस बेरहमी को देखकर क्षेत्रीय लोगों में काफी आक्रोश है युवा एकता परिषद किसान इकाई एवं किसानों द्वारा यह बताया गया कि चाहे हमारी जान ही क्यों न चली जाए पर तब तक हम अनशन खत्म नहीं करेंगे जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती अनशन स्थल पर युवा समाजसेवी ज्ञानेंद्र सिंह,जिला संयोजक विकास अग्निहोत्री,सीताराम अग्निहोत्री,किसान इकाई के अनीश शुक्ला,अजय त्रिपाठी,नीरज त्रिपाठी,त्र्यंबकेश्वर पांडे,लखन शुक्ला,ऋषी द्विवेदी,केएन मिश्रा,आशीष पांडेय समेत सैकड़ों युवा एवं किसानों ने सरकार को  बेरहम बताते हुए सरकार के प्रति आक्रोश जताया।


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