पंप हाउस बना न हुआ पाइप लाइन विस्तार लेकिन कागजों में चालू है नल जल योजना 

ढीमरखेड़ा जनपद की ग्राम पंचायत घुघरी का मामला,विभाग करता है सिर्फ टेंडर की बात, ग्रामीणों ने कलेक्टर और सीएम हेल्पलाइन में किया शिकायत

कलयुग की कलम (अंकित झारिया)

कटनी/उमरियापान:- बीते दो सालों से नल जल योजना  स्वीकृति होने के बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने गांव में काम ही शुरू नहीं किया है। गांव के लोग पेयजल समस्या से परेशान हैं।मामला ढीमरखेड़ा जनपद की ग्राम पंचायत घुघरी का है। जहाँ के लोगों को पानी के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती हैं। घुघरी में नल जल योजना तो साल 2017-18 में स्वीकृत हुईं हैं। गांव में पाइप लाइन का विस्तार हुआ न तो पंप हाउस का निर्माण। लोगों के घरों तक नलों से पानी भी नहीं पहुँच रहा है। धरातल में काम नही हुआ लेकिन कागजों में गांव की नल जल योजना संचालित हो गई है।योजना के स्वीकृति होने के बाद विभाग द्वारा काम नही कराने और पेयजल समस्या को लेकर गांव के लोगों ने कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत किया है।

जानकारी के मुताबिक योजना के प्रति गांव के सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने सार्थक प्रयास करते हुए साल 2017- 18 में घुघरी में नलजल योजना स्वीकृत कराई।शासन से करीब साढ़े 12लाख रुपये की नल जल योजना भी स्वीकृत हुईं। साढ़े 12लाख रुपए की नल-जल योजना के लिए ग्राम पंचायत ने करीब 40 हजार रुपए एकत्र कर पीएचई विभाग को जमा किया। इसके बाद विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू की। टेंडर डालने के बाद एक बोर खनन करा दिया गया।उसके बाद विभाग ने अब कोई भी निर्माण नहीं कराया है। पीएचई ने राशि जमा कराने के एक महीने बाद ही काम शुरू करने की बात कही थी। दो साल का समय गुजर जाने के बाद भी विभाग ने कहा काम नही कराया है। घुघरी के ग्रामीण लखन नामदेव, जगत सिंह, मोहम्मद शकील,अशोक चौधरी की माने तो गांव के लोग हैंडपंप और कुएं व नदी के भरोसे पानी की पूर्ति करते है। पानी के लिए गांव के लोगों को परेशानी उठानी पड़ती हैं। बीते दो साल पहले गांव में नल जल योजना स्वीकृत हुई, जिससे लगा कि अब पानी के लिए परेशानी नहीं होगी।लेकिन योजना स्वीकृत होने के बाद भी गांव के लोग पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। इधर सरपंच प्रमोद गौतम का कहना है योजना स्वीकृत होने के बाद अंशदान की राशि पीएचई विभाग को जमा किया।काम नही हुआ है कागजों में योजना संचालित है। योजना संबंधी निर्माण कार्य कराने जब भी पीएचई के ई से बात करते हैं तो रटारटाया एक ही जबाव देते है टेंडर हो गया है काम शुरू होना है।दो साल बाद भी काम नहीं कराया है।

 दूसरी बार हुई है टेंडर प्रक्रिया-: लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री ई एस बघेल ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि ढीमरखेड़ा के घुघरी में योजना स्वीकृत है। यहां टेंडर प्रक्रिया की थी लेकिन कोई डालने नहीं आया। फिर से प्रक्रिया शुरू की है। गांव में जल्दी ही काम शुरू करवाएंगे।

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