अतिथि विद्वानों को नियमित कर महाविद्यालय में फिर करे पदस्थ,ताकि पढ़ाई न हो प्रभावित  

अतिथि विद्वानों के हड़ताल पर जाने के बाद महाविद्यालय के छात्रों ने उठाई मांग 

कलयुग की कलम (अंकित झारिया)

कटनी/ उमरियापान:-  सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति होने के विरोध में महाविद्यालय के अतिथि विद्वानों ने अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। सोमवार को उमरियापान शासकीय महाविद्यालय  में पदस्थ अतिथि विद्वानों ने प्राचार्य को सूचना देकर हड़ताल पर शामिल होने छिंदवाड़ा चले गए।  अतिथि विद्वानों के हड़ताल पर जाने पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी महाविद्यालय के बाहर एकजुट होकर अतिथि विद्वानों को नियमित कर महाविद्यालय में पदस्थ करने की मांग करने मैदान में आ गए। महाविद्यालय के छात्र छात्राओं का कहना है कि अतिथि विद्वानों के न होने से हमारी पढ़ाई प्रभावित होने लगी है। जिससे हमारा भविष्य अंधकारमय हो सकता है।सरकार जल्द ही अतिथि विद्वानों को नियमित कर महाविद्यालय  वापस पदस्थ किया जाये। 

वहीं शासकीय महाविद्यालय उमरियापान के अतिथि विद्वान  डॉ शाहीन खान, डॉ नीमा सिंह, डॉ अरुणादास, डॉ दिव्या शुक्ला, डॉ लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, डॉ धर्मेंद्र वर्मा, डॉ आशीष पांडेय और राजाराम सूर्यवंशी ने बताया कि पिछले दो-तीन दिन से लगातार चयनित सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति आदेश से अतिथि विद्वान प्रभावित हो रहे हैं।अतिथि विद्वानों की सेवाएं समाप्त की जा रही है। कांग्रेस की सरकार ने अपने वचन पत्र में अतिथि विद्वानों को नियमित करने का वादा किया था, लेकिन अब सरकार मुकर रही है। जिसके विरोध में आंदोलन निरंतर चलेगा, जब तक नियमितीकरण नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।


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