पहले से झेल रहे थे दंश अब कहर बनकर आई बारिश 

बेमौसम की बारिश में गिरे पान बरेजा,चौपट हुईं सैकड़ो पारियां

कलयुग की कलम (अंकित झारिया)

कटनी/उमरियापान:- पहले बिटिया की जिंदगानी बचाने में सारा धन चला गया। अब बेमौसम की बारिश कहर बनकर आई हैं। घर की रोजी रोटी चलाना भी मुश्किल हो गया है। यह पीड़ा हैं एक गरीब पान किसान की। उमरियापान निवासी पान किसान सुरेश उर्फ शेषा चौरसिया जो कि उमरियापान के बम्हनी हार में 32 पारियों में पान की फसल लगाई थी। गुरुवार रात को हुईं तेज बारिश में पान बरेजा धराशायी हो गया।सारी फसल गिरकर नष्ट हो गई। वहीं ओमप्रकाश उर्फ खररु चौरसिया की भी बम्हनी हार में अपने दो बेटों के साथ पान की खेती करता है।शुक्रवार को 36 परियों में लगी पान की फसल भी चौपट हो गई है। जिससे पान किसान ज्यादा परेशान हैं।ओमप्रकाश बीते 6 महीनों से पैरालिसिस बीमारी से पीड़ित भी है। गुरुवार शाम से शुक्रवार सुबह तक हुईं बारिश से सभी किसानों को लाखों रुपये की क्षति हुई है। बारिश के चलते न सिर्फ लोगों की जिंदगी में प्रभाव पड़ रहा है बल्कि उनकी जीविकोपार्जन पर भी बुरा असर पड़ रहा है। फसलों में हुए नुकसान के बाद पान किसान परेशान हो चुके हैं। किसान के सामने अब परिवार का भरण पोषण करने का संकट मडरा रहा है।इस संबंध में एसडीएम सपना त्रिपाठी का कहना है कि इतनी बारिश तो नहीं हुईं कि बारिश से पान बरेजा गिरे हो। अगर बारिश के चलते नुकसान हुआ है तो जांच कराकर किसानों को राहत राशि देने प्रकरण बनाया जाएगा। इसके पहले पान किसानों को हुए नुकसान की राहत राशि नही मिली हैं।इसकी जानकारी मुझे नहीं है, राहत राशि क्यों नहीं मिली है,इसका भी पता करवाऊंगी।

इनकी भी यह व्यथा-: 1- बिटिया की बीमारी का इलाज कराने में सब कुछ खर्च हो गया। इलाज कराने में समाज व अन्य लोगों ने भी मदद किया। पान की खेती ही एक सहारा रहा। शुक्रवार को पान बरेजा गिर गया है। जिससे अब हम बिखलीपथ हो गए हैं। दो महीने पहले से हम बांस के लिए वन विभाग डिपो के चक्कर काट रहे हैं।लेकिन बांस नही मिला। अगर बांस मिल गया होता तो आज पान बरेजा नहीं गिरता।:- सुरेश चौरसिया, पान किसान

2- बीते 7 महीने पहले 70 पान किसानों के पान बरेजा गिरकर नष्ट हुए थे। किसान राहत राशि पाने भटक रहा है।शासन और प्रशासन आज तक किसी भी किसान को राहत नही दिया।अब भी किसानों को राहत नही मिलती है तो सरकार की कार्यप्रणाली को देखते हुए सभी पान किसान सड़क पर उतरकर जन आंदोलन करेंगे।:-  चंद्रकांत चौरसिया, पान किसान व समाजसेवी

3- पान की खेती से हमारा परिवार चलता है।जून में पान बरेजा गिरा था।पटवारी के पास 6 महीने चक्कर काटते हो गए।पटवारी द्वारा कई बार भटकाया गया,लेकिन राहत राशि नही मिली। अंततः पटवारी अमित कनकने ने मेरा फार्म भी फाड़कर फेंक दिया। :- शिवप्रसाद चौरसिया, पान किसान


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