उपज बेचने उमरियापान केंद्र का कराया पंजीयन, खमतरा केंद्र के पहुँच रहे मैसेज  

 नहीं सुधर रहा पंजीयन, परेशान किसान कैसे बेचे उपज  

कलयुग की कलम (अंकित झारिया)

कटनी/उमरियापान:- सरकार किसानों को खुशहाल बनाने का दावा भले ही करें किंतु हकीकत में किसानों की समस्याएं थमने का नाम नही ले पा रही हैं। हर रोज किसी न किसी समस्या से किसानों को जूझना पड़ता है। समर्थन मूल्य पर धान की उपज बेचने के लिए किसानों ने खरीदी शुरू होने के कुछ दिनों पहले अपने ही क्षेत्र के समीपी केंद्र में पंजीयन कराया। लेकिन खरीदी शुरू होने के बाद किसानों को फसल बेचने के लिए 40 किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा।यानि कि विभाग की लापरवाही के बाद अब किसानों को और भी परेशानी उठानी पड़ेगी। विभाग द्वारा बरती गई लापरवाही का सच उस समय सामने आया जब किसानों के पास 40 किलोमीटर दूर बने खरीदी केंद्र में फसल बेचने के एसएमएस मोबाइल पर पहुँचे। उमरियापान अंतर्गत आने वाले पिपरिया सहलावन के रामनाथ साहू, गोविंद प्रसाद साहू,भारत प्रसाद मिश्रा, मनसुख साहू सहित दर्जनों से अधिक किसान ऐसे हैं,जिनके पास नजदीकी केन्द्र उमरियापान में धान बेचने की वजह दूर के केंद्र खमतरा में फसल लेकर आने के एसएमएस पहुँचे। किसानों एसएमएस पढ़ते ही परेशान होने लगे है। किसान अपना पंजीयन ठीक कराने स्थानीय समिति कार्यालय से लेकर जिले के अधिकारियों के दफ्तरों तक दर दर भटक रहा है। 

किसान न बताई परेशानी.....

1- पिपरिया सहलावन के किसान प्रकाशनाथ साहू ने उमरियापान समिति के केंद्र में धान बेचने पंजीयन कराया था।लेकिन इनके मोबाइल पर प्राथमिक कृषि साख समिति खमतरा में धान बेचने का मैसेज आया है। अब किसान फसल बेचने के लिए परेशान हो रहा है।

2- पिपरिया सहलावन निवासी किसान कैलाश गर्ग ने भी समीपी केंद्र उमरियापान में धान विक्रय के लिए पंजीयन कराया था।लेकिन इनका पंजीयन खमतरा केंद्र के लिए कर दिया गया है। जिससे किसान परेशान है। 

3- पिपरिया सहलावन निवासी किसान कुँवरलाल पटेल ने उमरियापान केंद्र में धान विक्रय के लिए पंजीयन कराया।लेकिन इनका पंजीयन खमतरा केंद्र के लिए कर दिया गया है। अब किसान पंजीयन सुधारवाने केयहाँ वहाँ भटक रहा है।

 इनका कहना है:- किसानों की मैपिंग गलत हो गई है। इसे ठीक कराया जाएगा।पंजीयन की लिमिट बढ़ाने शासन को पत्राचार किया गया है। लिमिट बढ़ते ही मैपिंग सही हो जाएगी।फिर किसानों की उपज की खरीदी भी उसी केंद्र में होगी।:-  रविकांत ठाकुर, एएफओ कटनी


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