“भाजपा का चाल-चरित्र-चेहरा उजागर दलितों का घोर अपमान किया भाजपा ने”

“भाजपा और आरएसएस की दलित विरोधी विचारधारा हैं”

“म.प्र.के दलित समाज में भाजपा के विचारों को लेकर कड़ा विरोध “

“एट्रोसिटी एक्ट में मुक़दमा दर्ज करे प्रशासन “

“गोडसे की विचारधारा से प्रेरित भाजपा का असली चेहरा दलित विरोधी “

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया की भाजपा का चाल चरित्र चेहरा उजागर हो गया हैं।

भाजपा एंव आरएसएस की विचारधारा हमेशा से दलित विरोधी रही हैं।अब यही दलित विरोधी विचारधारा भाजपा के पदाधिकारियों में आरएसएस की शाखा में कूट कूटकर भरी जाती हैं।जिसका परिणाम देखने को मिला हैं की भाजपा की एक प्रदेश मंत्री महिला मोर्चे से होने के बाद भी संघ की पाठशाला में सिखाये गये श्लोकों का उच्चारण करके दलित समाज को लज्जित और अपमानित कर रही हैं।भाजपा ने उक्त पदाधिकारी को पद से हटाकर ये साबित किया हैं की इस पदाधिकारी ने दलित समाज को अपमानित किया हैं।भाजपा की दलित विरोधी नीति का पर्दाफ़ाश हुआ हैं।

पूरा घटनाक्रम इस प्रकार हैं की मंडल अध्यक्ष लखन ने एक पोस्ट फ़ेसबुक पर पोस्ट की जिसमें लिखा की उज्जैन के एक सरस्वती शिशु मंदिर में एससी/एसटी बच्चों को खाना अलग बैठाकर कर खिलाया जाता हैं।इसका विरोध होना चाहिए।उल्लेखनीय हैं की ये स्कूल आरएसएस की विचारधारा संचालित करती हैं।इसके बाद महिला प्रदेशमंत्री ने पोस्ट पर कमेन्ट्स किया की तू आरक्षण का फ़ायदा लेता हैं जब ये नहीं बोलता हैं रे।इस कमेन्ट्स पर लखन ने लिखा तू कौन सी बड़ी या छोटी नेता हैं ऐसा बोलने वाली।

बस यही से धाराप्रवाह में भाजपा और आरएसएस के श्लोक का प्रसारण प्रदेशमंत्री ने शुरू कर दिया।गालियाँ बकने के साथ इसमें प्रभात झा,विष्णुदत्त शर्मा के साथ बी डी भाई साहब के संस्कारों का भी ज़िक्र हुआ।दलितों को अपमानित करने के लिए ये तीनों अपने पदाधिकारियों को प्रक्षिक्षण प्रदान करते हैं ऐसी प्रबल संभावना हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा को भी कहा गया की ये तो जाएगा कोने में।ये भी नहीं बचा पायेगा।

भाजपा की महिला प्रदेशमंत्री ने बताया की गली गली की छोटी लड़कियॉं भी गाली बकती है मतलब शिवराज में गालियाँ बकना आदर्श परम्परा रही भाजपा की।पथरोड़ समाज का अपमान किया।

भाजपा का चेहरा बेनक़ाब हो गया हैं भाजपा दलित विरोधी साबित हो गई हैं।महिला मोर्चे की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती लता एल्कर को इस्तीफ़ा देना चाहिए।भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एंव शिवराज सिंह चौहान को दलित समाज से माफ़ी मॉंगना चाहिए।

भाजपा का पुराना इतिहास रहा हैं दलितों के विरोध करने का।

भारतीय जनता पार्टी के 15 साल के शासन में दलितों के खिलाफ अपराध के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई थी।उस समय के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) आंकड़ों में दलितों के खिलाफ अधिक क्राइम वाले राज्यों में भारतीय जनता पार्टी शासित राज्य शामिल रहे थे।आंकड़ों में जो टॉप 5 क्राइम वाले राज्य थे उनमें या तो बीजेपी की सरकार है या फिर उनके सहयोगियों की सरकार थी।

अगर क्राइम रेट (दर) के हिसाब से देखें तो लिस्ट में पहला नबंर मध्यप्रदेश का था।प्रति लाख के आंकड़ों के अनुसार 2014 मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति के खिलाफ अपराध के 3294 मामले दर्ज हुए, जो 2015 में 3546 और 2016 में 4922 तक पहुंच गये ।

मध्यप्रदेश में पिछले लगभग 15 सालों से शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार चल रही थी।शिवराज सरकार के शासन में राज्य के आंकड़ों में 12.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी।

2016 में मध्यप्रदेश में दलितों के खिलाफ 43.4 फीसदी संज्ञेय अपराध हुए थे ।इसके बाद राजस्थान में ये आंकड़ा 42 फीसदी था।गोवा में 36.7 फीसदी था ।34.4 फीसदी बिहार में था।32.5 फीसदी गुजरात में था।

इन आँकड़ों से स्पष्ट होता हैं की जहॉं भी भाजपा की सरकारें पूर्व में रही हैं वहॉं लगातार दलितों का शोषण एंव अपमान किया गया हैं।भाजपा के संगठन पदाधिकारी योजना बद्ध तरीक़े से दलितों का अपमान करते हैं।

राकेश सिंह यादव
प्रदेशसचिव
म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी
भोपाल



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