गन्ना की पैदावार बढ़ाने के लिए हुई किसान गोष्ठी 

शाहबाद (हरदोई)।

गन्ना विकास परिषद लोनी चीनी मिल एवं गन्ना किसान संस्थान द्वारा किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में गन्ना के क्षेत्रफल को बढ़ाने एवं पैदावार को दोगुना करने के संबंध में जिला गन्ना अधिकारी द्वारा किसानों को संपूर्ण जानकारी दी गई।                      

धर्मापुर में गन्ना विकास परिषद चीनी मिल लोनी एवं गन्ना किसान संस्थान शाहजहाँपुर के संयुक्त तत्ववधान  में चीनी मिल लोनी परिक्षेत्र के कृषकों की गन्ना उपज में वृद्धि करने एवं लागत कम कर आमदनी दोगुना करने के उद्देश्य से एक गोष्ठी का आयोजन किया गया।

गोष्ठी में मुख्य अतिथि जिला गन्ना अधिकारी सुश्री सना आफरीन द्वारा गन्ना आपूर्ति,बेसिक कोटा एवं पर्ची निर्गनन तथा गन्ना विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओ के सम्बन्ध में जानकारी दी।ज्येष्ट गन्ना विकास निरीक्षक लोनी संजय सिंह ने बसत कालीन गन्ना बुवाई में टैच के उपयोग एवं पैड़ी प्रबन्धन के सम्बन्ध में बताया।गन्ना प्रशिक्षण संस्थान शाहजहांपुर के सहायक निदेशक डॉ पी के कपिल ने बसत कालीन गन्ना बुवाई हेतु गन्ने की उन्नतशील किस्मों की जानकारी दी । कोशा 0238 , को . 0118 , 98014 को लख 94181,कोशा 00072 ,कोशा 13235 शीघ पकने वाली एवं कोशा . 06270, 109232, 12232 तथा कोशा,13452 सामान्य गन्ने की किस्मों से चयन करके गन्ना बुवाई करें।गन्ना बीज 10 - 12 माह की उम्र  का प्रयोग करें कीट मुक्त,रोग मुक्त तथा गुणवत्ता युक्त बीज का ही प्रयोग करें।

सहायक प्रबन्धक गन्ना शोध परिषद शाहजहाँपुर के वैज्ञानिक अधिकारी डॉ एस के पाठक ने बसंतकालीन गन्ना उत्पादन तकनीक तथा गन्ने के साथ सह फसली खेती पर प्रकाश डालते हुये कहा कि गन्ने में संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करे।खेत में नत्रजन 80 किग्रा,फास्फोरस 30 - 35 किलो तथा 20 - 25 किलो पोटाश,10 किलो सल्फर तथा 12 किलो जिक प्रति एकड प्रयोग करने की सलाह दी।चीनी मिल के उप महाप्रबन्धक अनिल सिंह ने बसंतकालीन गन्ना बुवाई पर देय अनुदान एवं एम एच ए टी मशीन द्वारा गन्ना बीज उपचार तथा चीनी मिल द्वारा कृषि यन्त्रों पर दिये जाने वाले अनुदान की जानकारी दी । कार्यक्रम का संचालन नेतराम सिंह,सहायक प्रबन्धक द्वारा किया गया ।

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