ईश्वर की महानता को ईश्वर के विशालतम वेभव को कुछ मित्रों ने और उनके वक्तव्य ने संकुचित कर दिया है

उसकी श्रेष्ठता को धार्मिक उन्माद पर बांधकर संकुचित सा कर रहे हैं कुछ उतपाती कंटर पंथी विचारधारा के लोग 

कहीं राम के नाम पर कहीं हिंदुत्व के नाम पर कहीं अल्लाह के नाम पर जनमानस को हाय हाय में ला दिया है।

 जबकि ईश्वर एक महान ताकत है जिसने कभी भी किसी भी मानव जाति के साथ भेदभाव  नहीं किया

सब ईश्वर की दी हुई प्राकृतिक भिन्न-भिन्न उपयोगी आवश्यक पर्यावरण संसाधन के विकराल विवस्था  को इस्तेमाल कर रहा है हर पल हर शाम जिसकी वह कदर भी नहीं करता और वह पालनहार इतना दयालु और श्रेष्ठ है । कि वह सबके जीवन यापन की व्यवस्थाएं स्थापित करने में लगा हुआ है। अपने द्वारा प्रदान करने वाली हवा पानी अनाज और एक इंसान के जीवन व्यतीत करने के किसी भी वस्तु में कभी भी भेदभाव नहीं किया  लेकिन मित्रों को देखने में लगता है जैसे भगवान को वस में करने का दावा कर रहे हैं। कि अब जो कुछ होगा वह सब इनके द्वारा किया जाएगा  निश्चित ही इनके अच्छे दिन आने वाले हैं। और हमें तो हमारे पुराने दिन ही चाहिए एक थाली में सब बैठे हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई  अगर ईश्वर भेदभाव करने लगता तो मुझे लगता है कि उसे ना मानने वाले एक घूंट पानी भी ना पी पाते और जाति धर्म के चक्कर में जिस तरीके से लोग एक दूसरे को अधर्मी बता रहे हैं। तो कोई भी अधर्मी धरती पर जीवित नहीं होता और खासतौर से अगर मुसलमान उनकी नजर में अधर्मी हैं तो फिर मुस्लिम तरक्की याफ्ता होते ही नहीं और मित्र गरीब फकीर  बेघर ना होते अशिक्षित ना होते बीमार ना होते और धरती से मर्ते भी नहीं वह हमेशा हमेशा के लिए अमर हो जाते इसलिए धर्म के झगड़े से बाहर निकलें और देश को फिर वही एकता और अखंडता पर लेकर आएं अपने धर्म पर अडिग रहें दूसरे धर्म वालों के लिए हमदर्दी प्रेम और दिल में जगह रखें

लेखक-:
 अब्दुल कादिर खान कलयुग की कलम


Share To:

Post A Comment: