“इन्दौर में आरएसएस का मंथन खोखला साबित “

“जेएनयू में अत्याचार के ख़िलाफ़ एक शब्द भी नहीं निकला मंथन में”

“बेरोज़गारी एंव आर्थिक विषमताओं पर मौन धारण “

“युवाओं के भविष्य के लिए मंथन में एक भी योजना का प्लान नहीं “

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया हैं की आरएसएस का चिंतन शिविर सिर्फ़ टूरिज़्म का केंद्र था।आरएसएस के पदाधिकारियों ने चिंतन शिविर के बहाने उज्जैन दर्शन एंव मांडू से महेश्वर  तक मनोरंजन एंव टूरिज़्म में ही बिता दिया।

नागरिकता क़ानून से सारा देश चिंता में हैं तो आरएसएस के चिंतन शिविर ने क्या समस्या का समाधान किया हैं देश की जनता  जानना चाहती हैं।

आख़िर कब तक गोपनीय एजेन्डे के अन्तर्गत आरएसएस कार्य करके देश की सांप्रदायिक एकता से खिलवाड़ करती रहेगी।ये चिंतन शिविर यह सिद्ध करता हैं की एक मात्र आरएसएस का एजेंडा हैं भाजपा की ही बी टीम बनकर काम करना।इससे देश का भला नहीं हो सकता हैं भला सिर्फ़ भाजपा का हो रहा हैं यही एक मात्र उद्देश्य आरएसएस का हैं।

आरएसएस के चिंतन शिविर में किये गये चिंतन में देश कीं ज्वलंत समस्याओं के चिंतन का वक्त तो था नहीं लेकिन कम से कम आरएसएस इन 15 सवालों के जवाब दे तो पता चलेगा की देश हित में कौन कार्य कर रहा हैं या नहीं कर रहा हैं।

आरएसएस से 15 सवाल:-

(1) क्या नाथूराम गोडसे देशभक्त था..?

(2) क्या देश का बँटवारा आज़ादी के समय धर्म के आधार पर हुआ था....?

(3) क्या आरएसएस का प्रमुख किसी भी धर्म या जाति का बन सकता हैं..?

(4) क्या आरएसएस का प्रमुख चुनने में लोकतांत्रिक व्यवस्था हैं..?

( 5) क्यों  महात्मा गांधी के सिद्धांतों को मानने वाले शस्त्र चलाना सिखते हैं..?

(6)क्या आरएसएस ग़ैर राजनैतिक संगठन हैं ...?फिर भी बेकडोर की राजनीति क्यों करता हैं।

(7)क्या आरएसएस राष्ट्रवादी संगठन हैं तो सांप्रदायिक एकता में विश्वास क्यों नहीं रखता हैं..?

(8)आरएसएस गांधीवादी विचारधारा में यक़ीन रखता हैं तो गांधी टोपी से परहेज़ क्यों करता हैं.....?

(9)आरएसएस की शाखाओं में सांप्रदायिक एकता की बात क्यों नहीं की जाती हैं...?

(10) आरएसएस  चिंतन शिविर में  नागरिकता क़ानून को लेकर विरोधियों की आवाज़ को क्यों नहीं सुनता हैं....?

(11) देश में लोकतंत्र हैं लेकिन आरएसएस में लोकतांत्रिक व्यवस्था क्यों नहीं हैं......?

(12) आरएसएस का प्रमुख क्या कभी दलित,या मुस्लिम हो सकता हैं....?

(15) आरएसएस के पथसंचालन में लाठी एंव हथियार का उपयोग क्यों किया जाता हैं क्या देश के नागरिकों में भय पैदा करने के लिए किया जाता हैं.....?

लोकतांत्रिक देश में अलोकतांत्रिक 

प्रक्रिया का उदाहरण है आरएसएस संगठन समाज में भय व्याप्त करना ही एक मात्र उद्देश्य हैं।युवा समाज किसी भी स्वरूप में आरएसएस को स्वीकार्य नहीं कर सकता हैं ।


राकेश सिंह यादव
प्रदेशसचिव
म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी
भोपाल
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