नेटफ्लिक्स ने फिल्म स्टूडियो के लिए इंदौर के पास देखी जमीन; शूट होंगी वेब सीरिज, फिल्में भी बनेंगी

इंदौर. अमेरिकन मीडिया सर्विस प्रोवाइडर कंपनी नेटफ्लिक्स मप्र में फिल्म स्टूडियो बनाने के लिए जमीन तलाश रही है। हाल ही में कंपनी के प्रतिनिधियों ने मप्र पर्यटन विभाग के अफसरों के साथ इंदौर में दो-तीन जगह पर जमीन देखी। कंपनी को स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क पसंद आया, लेकिन यहां उनकी जरूरत के मुताबिक जमीन नहीं है। इसके बाद वे धार रोड पर माचल के पास मोहना इंडस्ट्रियल पार्क पहुंचे।

यह लोकेशन भी उन्हें पसंद आई, क्योंकि यहां उन्हें काफी जमीन मिल सकती है। कंपनी प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्हें स्टूडियो के लिए 50 एकड़ से ज्यादा जमीन चाहिए। कंपनी इस स्टूडियो में वेब सीरिज के साथ फिल्में भी बनाएगी। पर्यटन विभाग के अफसरों ने मोहना के बारे में बताया कि इस इंडस्ट्रियल एरिया से एयरपोर्ट महज 20-25 मिनट की दूरी पर है। मुंबई-दिल्ली के लिए नियमित अंतराल में फ्लाइट है। दुबई के लिए भी सीधी उड़ान उपलब्ध है। 

3 हजार करोड़ का निवेश प्लान, सस्ती जमीन, लोकेशन से मप्र पसंद

नेटफ्लिक्स के मुख्य कार्यकारी रीड हैस्टिंग ने हाल ही में ऐलान किया था कि कंपनी भारत में तीन हजार करोड़ का निवेश करेगी। इस निवेश से वह भारतीय वेब सीरिज और फिल्में बनाएगी। इसी घोषणा के बाद कंपनी स्टूडियो के लिए जमीन तलाश रही है। सस्ती जमीन, कम लागत, लोकेशन और सरकार की रुचि को देखते हुए नेटफ्लिक्स ने मप्र को प्राथमिकता में रखा है।

अभी बीकेसी से संचालन

नेटफ्लिक्स का संचालन फिलहाल मुंबई के बीकेसी (बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स) से हो रहा है। इसने कुछ सीरिज की शूटिंग के लिए वायकॉम-18 के साथ करार किया है।

फिल्म इंडस्ट्री के लिए नई नीति, 10 करोड़ का अनुदान देंगे

मप्र सरकार फिल्म इंडस्ट्री के लिए अलग नीति ला रही है। इसमें शूटिंग पर 10 करोड़ तक का अनुदान और फिल्म सिटी (स्टूडियो) में निवेश पर 30% तक अनुदान प्रावधान है। सरकार थिएटर निर्माण पर भी रियायत देगी। 

पाठ्यक्रमों में वीडियो के लिए आईआईएम का टिकटॉक से एमओयू

आईआईएम इंदौर ने गुरुवार को टिकटॉक एप के साथ एमओयू साइन किया है। आईआईएम के निदेशक प्रो. हिमांशु राय के मुताबिक टिकटॉक के साथ मिलकर संचार, बातचीत, विपणन और रणनीति से संबंधित छोटे वीडियो बनाएंगे और उन्हें हमारे प्रमुख पाठ्यक्रमों के साथ ही कार्यकारी कार्यक्रमों में भी लागू करेंगे। टिकटॉक की हेड डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने कहा- इस साझेदारी से प्रबंधन पेशेवरों की निर्माण क्षमता बढ़ाने, बेहतर नौकरी और प्रशासन प्रदान करने और भारत की बढ़ती स्थानीय अर्थव्यवस्था में विकास के नए अवसर पैदा करने में भी मदद मिलेगी।

चार ग्रुप स्टूडियो के लिए तलाश रहे जमीन

प्रदेश में फिल्म स्टूडियो बनाने के लिए तीन-चार ग्रुप पहल कर रहे हैं। एयर कनेक्टिविटी उनके लिए अहम है। जो ग्रुप जमीन देख रहे हैं। उनकी नजर सरकार की फिल्म इंडस्ट्री के लिए आने वाली नीति पर भी है, इसके बाद वे अंतिम फैसला लेंगे। 

फैज अहमद किदवई, एमडी मप्र पर्यटन विभाग

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