मध्य प्रदेश / दादी की याद में 3 साल से हर महीने 2 दिन बुजुर्गों के बीच बिताता है परिवार, सभी का जन्मदिन भी उन्हीं के साथ मनता है

इंदौर . बुजुर्गों से लगाव बना रहे इसके लिए राजनगर का 9 सदस्यीय एक परिवार महीने के दो दिन निराश्रित वृद्धाश्रम में जाकर बिता रहा है। यह पहल तीन साल पहले 100 साल की दादी के निधन के बाद शुरू की थी। परिवार के सदस्य अपनी दादी की याद में महीने में दो दिन बुजुर्गों के बीच बिताते हैं। पूरा दिन उनके बीच में रहते और भोजन भी साथ में ही करते हैं। यहीं नहीं परिवार के हर सदस्य का जन्मदिन भी बुजुर्गों के साथ मनाते हैं।

लाइट व साउड का काम करने वाले प्रदीप दुबे बताते हैं कि 8 जनवरी 2017 को उनकी दादी गंगाबाई दुबे का निधन हो गया था। दादी की याद हमेशा बनी रहे, इसलिए परिवार के सदस्यों ने यह तय किया। तब से सभी लोग कान्यकुब्ज नगर स्थित निराश्रित वृद्धा आश्रम में हर महीने दो दिन जाते हैं। आश्रम में रह रहे 25 बुजुर्गों को भोजन कराया जाता है। हम भी उन्हीं के साथ खाना खाते हैं।

हमें खुशी, बुजुर्गों को मुस्कुराहट मिलती है

इससे परिवार को आत्मीय शांति मिलती है। हमें बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलता हैं। इनमें हमें दादी, नानी, चाची, बुआ और दादा नजर आते हैं। हम लोग उनसे बात करके उनका अकेलापन दूर करते है। इससे उनके चेहरों पर मुस्कुराहट आ जाती है। मेरे साथ पत्नी, बेटी-बेटा, माता-पिता और छोटा भाई व उसकी पत्नी का जन्मदिन व दादी की पुण्यतिथि भी आश्रम में मनाते हैं। बुजुर्गों का जन्मदिन मनाने के लिए जाते हैं। उनकी दवाइयों की भी व्यवस्था करते हैं। गर्म पानी के लिए गीजर भी आश्रम को दान किया। 20 जनवरी को पिता मांगीलाल, 3 फरवरी को पत्नी कुसुम का जन्मदिन आश्रम में मनाया। 18 मार्च को मेरा (प्रदीप) जन्मदिन भी वहीं पर मनाएंगे।


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