महिला बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक मे, कार्यक्रम अधिकारी बोले 3 हजार 574 कम वजन के बच्चों में हुआ वजन सुधार

कलयुग की कलम ग्रामीण रिपोर्टर सोनू त्रिपाठी कटनी 

महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी केन्द्र की संदर्भित सेवाओं के माध्यम से अप्रैल से जनवरी 2010 तक 3 हजार 574 कम वजन के बच्चों के वजन में सुधार लाया गया है। इनमें 2756 कम वजन और 818 अतिकम वजन वाले बच्चे शामिल हैं। इस आशय की जानकारी गुरुवार को कलेक्टर शशिभूषण सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान दी गई। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी नयन सिंह, महिला सशक्तिकरण अधिकारी वनश्री कुर्वेति, जिला परियोजना प्रबंधक घनश्याम मिश्रा, जिला आयुष अधिकारी डॉ0 आर0के0 सिंह और सीडीपीओ उपस्थित रहे।

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी नयन सिंह ने बताया कि जिले में नवाचार के तहत 26 जनवरी से डे-केयर सेन्टर की तर्ज पर 42 आंगनबाड़ी केन्द्रों में 276 चिन्हांकित अतिकम वजन के बच्चों को 31 मार्च तक सामान्य श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार मार्च अंत तक सभी 63 सुपरवाईजर्स को प्रति 10 बच्चे के मान से 630 अतिकम वजन के बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने का टारगेट दिया गया है। उन्होने बताया कि कुपोषित बच्चों और गर्भवती माताओं को एनीमिक होने से रक्त की आवश्यकता होती है। रक्त की प्रतिपूर्ति के लिये जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की उपलब्ध क्षमता के अनुसार महिला बाल विकास के अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा रक्त संग्रह के लिये डोनेशन कैम्प आयोजित किये जायेंगे। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि टीएचआर के तहत 54399 बच्चे 10631 गर्भवती महिलायें और 10690 धात्री माताओं को लाभान्वित किया गया है। लाडली लक्ष्मी योजना में 5430 के लक्ष्य के विरुद्ध 5152 बालिकाओं को लाभान्वित किया गया है।

कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले में 24 बाल शिक्षा केन्द्र और आदर्श आंगनबाड़ी का सुचारु संचालन भलिभांति निरन्तर किया जाये ताकि उनमें गुणवत्ता की कोई कमी नहीं रहे। जिला आयुष अधिकारी डॉ0 आर0के0 सिंह ने बताया कि जिले में 36 आयुष औषधालयों में डॉक्टर सहित कुल 63 कर्मचारी पदस्थ हैं। आयुष औषधालयों की ओपीडी 139046 मरीजों की रही है। आयुष शिविर लगाकर 22987 मरीजों को लाभान्वित किया गया है। बहोरीबंद, ढीमरखेड़ा के मलेरिया संभावित 115 गांवों के 1 लाख 51 हजार 63 व्यक्तियों को मलेरियारोधी आयुष दवा मलेरिया ऑफ 200 की दवा खुराक दी गई है। कुपोषित बच्चों के लिये सुपुष्टि योग चूर्ण और बला का तेल भी आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्रदाय किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में बताया गया कि दस्तक अभियान के तहत 108304 बच्चों को विटामिन ए का डोज दिया गया है। परिवार कल्याण कार्यक्रमों में 6379 एलटीटी ऑपरेशन, 706 मिनी लैप और 65 एनएसवी ऑपरेशन सहित 7150 की लक्ष्यपूर्ति की गई है। कटनी जिला प्रदेश में परिवार कल्याण कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की रैंकिंग में 10वें स्थान पर है। कलेक्टर श्री सिंह ने महिला बाल विकास के सहयोग से परिवार कल्याण कार्यक्रमों की लक्ष्यपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होने एनआरसी के स्वीकृत बेड के अनुसार अतिकम वजन के बच्चों की भर्ती सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। पोषण पुर्नवास केन्द्र के माह में उपलब्ध 160 बैड संख्या के अनुसार 145 बच्चों को उपचारित किया गया है। जिला अस्पताल के एनआरसी में बैड की प्रतिपूर्ति 65 प्रतिशत होने पर कलेक्टर ने इसे बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में निर्धारित लक्ष्यपूर्ति नहीं होने पर कार्यवाही की जायेगी।


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