“बिल्ली के भाग्य से छींका नहीं टूटता”

“म.प्र.से भाजपा सरकार का अंत होने के बाद आज भी प्रलाप जारी हैं”

“कॉंग्रेस के वरिष्ठ नेता सिंधिया जी को पत्र लिखने वाले भाजपा विधायक अपने राष्ट्रीय महासचिव के भविष्य की चिंता करे जो पिछले 10 सालो से राजनैतिक बेरोज़गार हैं”

“कॉंग्रेस में वैचारिक स्वतंत्रता हैं बोलने की लेकिन भाजपा जैसे मनभेद के संस्कार नहीं “

कलयुग की कलम 

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने बताया की एक भाजपा विधायक द्वारा कॉंग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखना इस कहावत को सिद्ध करता हैं की “बिल्ली के भाग्य से छींका नहीं टूटता हैं”

भाजपा आज भी सत्ता से बेदख़ल होने के दर्द से कराह रही हैं।कॉंग्रेस में विचारों की अभिव्यक्ति को ये भाजपा के संस्कारी नेता आपसी लड़ाई समझ रहे हैं।लेकिन गलती इनकी भी नहीं हैं भाजपा में डिक्टेटरशिप लागू रहती हैं जिससे भाजपा में विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता किसी को भी नहीं रहती हैं।

कभी ये ही भाजपा के भक्त लालकृष्ण आडवाणी को लौह पुरूष बताते नहीं थकते थे ।आज हालात यह हैं की आडवाणी को देख कर ये भाजपा के नेता पतली गली से निकल जाते हैं।भाजपा में हमेशा अध्यक्ष का चुनाव मुग़लों की सल्तनत के इतिहास के अनुरूप ही होता हैं।एक -दुसरे की राजनैतिक हत्या करके भाजपा के संगठन की सत्ता हथियायी जाती हैं।भाजपा विधायक के प्रेरणा स्त्रोत भी इसी राजनीति का शिकार पिछले दस वर्षों से हैं।हर बार म.प्र. में भाजपा अध्यक्ष बनने की जी-तोड़ कोशिश करते हैं लेकिन भाजपा के शकुनि नेता राष्ट्रीय महासचिव को चारों खाने चित्त कर देते हैं।जब भाजपा के यह संस्कार है तो कॉंग्रेस के विचारमंथन एंव प्रजातांत्रिक पार्टी के रूप में कॉंग्रेस के सामान्य वार्तालाप को लेकर टिप्पणी करना नकारात्मक सोच का परिणाम हैं।कॉंग्रेस की वैचारिक स्वतंत्रता पर पत्र लिखने वाले विधायक पिछले दस सालो से भाजपा की सरकार में मंत्री बनने को तरसते रहे लेकिन भाजपा के मठाधीशों ने विधायक के अरमानों पर पानी फेर दिया।अगर ये भाजपा विधायक कॉंग्रेस से होते तो शायद ऐसी दुर्दशा नहीं होती।अब भी समय हैं विचार करके देश को एकता में बँधने वाली विचारधारा के साथ आयेंगे तो उन्हें इस तरह के पत्र लिखने की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी ।

भाजपा की 15 सालो की भ्रष्ट शिवराज सरकार को जनता ने नकार दिया हैं ,इसके पश्चात भी भाजपा जनता के बीच 15साल में किये भ्रष्टाचार की माफ़ी माँगने की बजाय अभी भी नकारात्मक राजनीति से पीड़ित हैं।अनेक माफ़ियाँ के ख़िलाफ़ सख़्त कार्यवाही तथा भाजपा से जुड़े माफ़ियाँ की ज़मीन माननीय मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने हिला दी हैं।कॉंग्रेस सरकार का संकल्प हैं की माफ़ियाँ के जड़ से उखाड़ कर ही समाप्त किया जायेगा।

म.प्र.में माननीय मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के नेतृत्व में विकास लगातार जारी रहेगा तथा माफ़ियाँ का अंत सुनिश्चित होकर रहेगा ।


राकेश सिंह यादव
प्रदेशसचिव
म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी
भोपाल
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