दिव्यांगों और बुजुर्गों की सेवा करना मेरा सौभाग्य प्रधानमंत्री


KKK ब्यूरो रिपोर्ट
     प्रयागराज
विकास कुमार पटेल

प्रयागराज शनिवार को संगमनगरी में पहुंचे पीएम नरेंद्र  मोदी ने एक विशाल शिविर में 30 हजार के सापेेेक्ष 26,791 दिव्यांगों एवं वरिष्ठ नागरिकों को सहायता उपकरण वितरित कर उनका कुशलक्षेम पूछा।

इसके बाद पीएम मोदी ने शिवर में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आपके प्रधान सेवक के तौर पर, मुझे हजारों दिव्यांग-जनों और बुजुर्गों, वरिष्ठजनों की सेवा करने का अभी अवसर मिला है। आपकी सेवा करना मेरा सौभाग्य है। पीएम मोदी ने कहा कि दिव्यांगों पर अगर कोई अत्याचार करता है, उन्हें परेशान करता है, तो जान लें कि इससे जुड़े नियमों को सख्त किया है। दिव्यांगों की नियुक्ति के लिए विशेष अभियान चलाए। सरकारी नौकरियों में दिव्यांगों के लिए आरक्षण तीन से बढ़ाकर चार फीसद कर दिया है।

उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिले के लिए भी दिव्यांगों का आरक्षण तीन फीसदी से बढ़ाकर पांच फीसदी कर दिया गया है।

ये हमारी ही सरकार है जिसने पहली बार दिव्यांगजनों के अधिकारों को स्पष्ट करने वाला कानून लागू किया। इस कानून का एक बहुत बड़ा लाभ ये हुआ है कि पहले दिव्यांगों की जो सात अलग-अलग तरह की कैटेगरी होती थी, उसे बढ़ाकर 21 कर दिया गया।

एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर अलग-अलग भाषा होने पर भी दिव्यांगों को दिक्कतें होती थीं। पहले ये सोचा ही नहीं, दिव्यांगों के लिए एक कॉमन साइन लैंग्वेज हो। हमारी सरकार ने इंडियन साइन लैंग्वेज रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की है।

नए भारत के निर्माण में हर दिव्यांग युवा, दिव्यांग बच्चे की उचित भागीदारी आवश्यक है। चाहे वो उद्योग हों, सेवा का क्षेत्र हो या फिर खेल का मैदान, दिव्यांगों के कौशल को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

बीते 4-5 वर्षों में देश की सैकड़ों इमारतें,  रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, दिव्यांगजनों के लिए सुगम्य बनाई जा चुकी हैं। जो बची हुई हैं उन्हें भी सुगम्य भारत अभियान से जोड़ा जा रहा है।

सीनियर सिटिजन्स के जीवन से इस परेशानी को कम करने के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। गरीब वरिष्ठ नागरिकों को भी जरूरी उपकरण मिलें, इसके लिए हमारी सरकार ने 3 साल पहले ‘राष्ट्रीय वयोश्री योजना’ शुरू की थी

60 वर्ष की आयु के बाद बुजुर्गों को एक निश्चित राशि पर एक निश्चित ब्याज मिले, उनका निवेश सुरक्षित रहे इसके लिए हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री वय योजना भी शुरू की थी।

आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा हो या फिर बीमा योजनाएं, उनका भी लाभ गरीबों को, दिव्यांगजनों को अलग से हो रहा है। गरीब से गरीब देशवासी भी बीमा की सुविधा से जुड़े इसके लिए 2-2 लाख रुपये के बीमा की दो योजनाएं चल रही हैं।

हमारे यहां कहा जाता है- स्वस्ति: प्रजाभ्यः परिपालयंतां न्यायेन मार्गेण महीं महीशा। यानि सरकार का ये दायित्व है कि हर व्यक्ति का भला हो, हर व्यक्ति को न्याय मिले। यही सोच तो सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र का भी आधार है।

पहले अगर बैंक में आपके 10 लाख रुपये थे और बैंक डूब जाए, तो आपको 1 लाख रुपये से ज्यादा नहीं मिलता था। हमने अब नियम बदलकर 1 लाख की जगह 5 लाख कर दिया है। लोगों के पैसों को सुरक्षित करने का काम हमने किया है। इससे बैंकों के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।



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